27 साल से मृत दिखा रहा शख्स स्कूटी चलाते पकड़ा, आगरा कोर्ट ने भेजा जेल
आगरा में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने 27 साल तक खुद को मृत दिखाकर कानूनी कार्रवाई से बचने की कोशिश की। यह व्यक्ति एक मुकदमे में आरोपी था और गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र का इस्तेमाल किया था।
स्कूटी पंजीकरण और बैंक खाते से खुला राज
मामला तब सामने आया जब मुकदमे के वादी राजकुमार ने आरोपी ताराचंद को हरीपर्वत क्षेत्र में स्कूटी पर घूमते देखा। स्कूटी के पंजीकरण नंबर से आरटीओ कार्यालय से जानकारी करने पर पता चला कि यह स्कूटी ताराचंद शर्मा के नाम से पंजीकृत है। इसके अलावा, वह अपने मोबाइल नंबर से बैंक खाता भी संचालित कर रहा था, जिससे उसके जीवित होने का पुख्ता सबूत मिल गया।
27 साल पहले खुद को दर्शाया था मृत
आरोपी ताराचंद वर्ष 1999 से लंबित एक धोखाधड़ी के मुकदमे में वांछित था। गिरफ्तारी से बचने के लिए, उसने वर्ष 2013 में नगर निगम से वर्ष 1998 में मृत दर्शाने वाला एक फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र पेश किया था। पुलिस ने भी न्यायालय में उसे मृत बताया था, जिसके आधार पर न्यायालय ने उसके खिलाफ कार्रवाई समाप्त कर दी थी।
कोर्ट ने भेजा जेल
वादी की शिकायत के बाद, ताराचंद को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी और उसे जेल भेज दिया। इस घटना ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे कानूनी पचड़ों से बचने की कोशिशों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
