आयुष्मान भारत योजना के तहत अस्पतालों के लिए नए गुणवत्ता मानक लागू, मरीजों को मिलेगा बेहतर इलाज | Ayushman Bharat news
देशभर में आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों को बेहतर और पारदर्शी चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) ने अस्पतालों के लिए नए और सख्त गुणवत्ता मानक लागू किए हैं। हॉस्पिटल इम्पैनलमेंट मॉड्यूल (HEM 2.0) के तहत निर्धारित इन 35 अनिवार्य मानकों को पूरा करना योजना से जुड़े सभी सूचीबद्ध अस्पतालों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। इन नए नियमों के लागू होने से मरीजों को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और पारदर्शी चिकित्सा सेवाएं मिल सकेंगी, जो आयुष्मान भारत news के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
इन मानकों के तहत, अस्पतालों को उपलब्ध चिकित्सा सेवाओं की स्पष्ट जानकारी प्रदर्शित करनी होगी। योग्य डॉक्टरों, नर्सों और विशेषज्ञों की 24 घंटे उपलब्धता सुनिश्चित करना अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही, एंबुलेंस, लैब, फार्मेसी, ब्लड बैंक, आईसीयू और वेंटिलेटर जैसी सहायक सुविधाओं का संचालन भी आवश्यक है। मरीजों के इलाज से संबंधित सभी रिकॉर्ड को डिजिटल पोर्टल पर अपडेट करना, संक्रमण नियंत्रण के उपाय लागू करना और दवा सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करना भी अनिवार्य है। मरीजों से डिस्चार्ज के समय फीडबैक लेना भी अब व्यवस्था का हिस्सा बनाया गया है। अलीगढ़ जैसे जिलों में भी 30 सरकारी और 65 निजी अस्पतालों ने इन मानकों के अनुरूप खुद को ढाल लिया है, जिसकी जानकारी मुख्यालय को भेज दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि योजना का लाभ गरीब और जरूरतमंद लोगों तक सही तरीके से पहुंचे, इसके लिए अस्पताल सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करना आवश्यक था। कई स्थानों पर इलाज की पारदर्शिता और सुविधाओं को लेकर मिल रही शिकायतों के बाद यह कदम उठाया गया है। मानकों का पालन न करने वाले अस्पतालों को नोटिस देकर योजना से बाहर भी किया जा सकता है, जबकि बेहतर सेवाएं देने वाले अस्पतालों को ब्रॉन्ज, सिल्वर और गोल्ड श्रेणी के प्रमाणपत्र दिए जाएंगे। इससे अस्पतालों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और अंततः मरीजों को बेहतर इलाज का लाभ मिलेगा, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में एक सकारात्मक बदलाव आएगा।
