निकुंज बिहारी की रासलीला ने भक्तों को किया मंत्रमुग्ध, पंच दिवसीय महोत्सव का तीसरा दिन यादगार
वृंदावन, मथुरा। ठा. श्री निकुंज बिहारी के 50वें पंच दिवसीय प्राकट्य महोत्सव के तृतीय दिवस पर रासलीला का भव्य मंचन हुआ, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं को अपनी अलौकिक छटा से मंत्रमुग्ध कर दिया। मंच पर अष्टसखी परिसेवित प्रिया-प्रियतम की लीलाओं का मनमोहक प्रस्तुतिकरण किया गया, जिसे देखकर ब्रजवासी और अन्य प्रदेशों से आए भक्त आनंदित हो उठे। महोत्सव के दौरान प्रातःकाल से ही अखंड पंच दिवसीय हरिनाम संकीर्तन का भी आयोजन किया जा रहा है, जो भक्तिमय वातावरण को और भी गहरा बना रहा है।
सूत्रों के अनुसार, इस वर्ष श्री राम जिवाई सत्संग ट्रस्ट अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूरे कर चुका है। ट्रस्ट की स्थापना वृंदावन की पावन भूमि में ठा. निकुंज बिहारी की लीलाओं के यशोगान के उद्देश्य से गृहस्थ संत जानकीनाथ आनंद एवं पुष्पा आनंद द्वारा की गई थी। यह महोत्सव पुष्टिमार्गीय श्रीकृष्ण लीला संस्थान ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है, जो ब्रज की पावन भूमि में श्रीकृष्ण की लीलाओं का प्रचार-प्रसार करता है।
पंच दिवसीय इस महोत्सव में न केवल स्थानीय श्रद्धालु बल्कि दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में भक्त शामिल हो रहे हैं। सभी ब्रज की पावन लीलाओं का आनंद ले रहे हैं और ठाकुर जी की कृपा प्राप्त कर रहे हैं। इस अवसर पर रमेश अरोड़ा, गोपेश आनंद, चंदन अरोड़ा, सेहर अरोड़ा, कबीर अरोड़ा सहित अनेक गणमान्य श्रद्धालु और भक्तगण उपस्थित रहे, जिन्होंने रासलीला का प्रत्यक्ष अनुभव कर स्वयं को धन्य माना। महोत्सव का यह स्वरूप भक्तों के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव साबित हो रहा है।
