डाकघर में 15 लाख से अधिक की हेराफेरी, पूर्व उप डाकपाल को तीन साल की कैद | agra news
आगरा के बाग मुजफ्फर खां डाकघर में हुए बहुचर्चित वित्तीय घोटाले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की गाजियाबाद विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने तत्कालीन उप डाकपाल वेद प्रकाश पांडेय को 51 खाताधारकों की जमा राशि में हेराफेरी करने का दोषी मानते हुए तीन साल के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपी पर 25 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है। इस मामले के सामने आने के बाद से ही वित्तीय संस्थानों की कार्यप्रणाली और जनता के पैसों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे थे।
जांच के दौरान यह बात सामने आई थी कि आरोपी ने खाताधारकों से मासिक आय योजना और अन्य खातों के लिए राशि तो प्राप्त कर ली और उन्हें पासबुक भी जारी कर दी, लेकिन विभाग के मुख्य लेजर व दैनिक लेखा-जोखा अभिलेखों में इस प्रविष्टि को दर्ज नहीं किया। इस सोची-समझी हेराफेरी के जरिए 15 लाख 27 हजार रुपये की चपत लगाई गई, जिससे विभाग को सीधे तौर पर आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। अदालत के इस फैसले से सरकारी महकमों में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ कड़ा संदेश गया है।
