0

मदरसे को बंद नहीं कर सकते: मान्यता न होने पर HC का बड़ा आदेश, 24 घंटे में सील हटाने का निर्देश

By Jan 20, 2026

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने बिना मान्यता के संचालित हो रहे मदरसों के संबंध में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि सिर्फ मान्यता का अभाव किसी मदरसे को बंद करने का वैधानिक आधार नहीं है। इस फैसले के तहत, श्रावस्ती के मदरसा अहले सुन्नत इमाम अहमद रजा पर लगी सील को 24 घंटे के भीतर हटाने का आदेश दिया गया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की एकल पीठ ने मदरसा प्रबंधन की याचिका पर दिया।

याचिका में जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, श्रावस्ती के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें मदरसा बंद करने का निर्देश दिया गया था। राज्य सरकार ने दलील दी थी कि बिना मान्यता के चलने वाले मदरसों के छात्रों को भविष्य में शैक्षणिक लाभ मिलने में कठिनाई हो सकती है। हालांकि, न्यायालय ने कहा कि नियमावली में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो केवल मान्यता के अभाव में मदरसे का संचालन रोक सके।

अदालत ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी का मदरसा बंद करने का आदेश निरस्त कर दिया। हालांकि, यह भी स्पष्ट किया गया कि जब तक मदरसा मान्यता प्राप्त नहीं कर लेता, तब तक वह सरकारी अनुदान का दावा नहीं कर सकेगा और न ही मदरसा शिक्षा बोर्ड के छात्र बोर्ड परीक्षा में बैठने के पात्र होंगे। साथ ही, ऐसे मदरसे से प्राप्त योग्यता राज्य सरकार की किसी भी योजना के लाभ के लिए मान्य नहीं होगी।

इस फैसले को उन हजारों गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, जिन पर हाल ही में कार्रवाई की तलवार लटक रही थी। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अदालत ने शिक्षा प्रदान करने की स्वतंत्रता और प्रशासनिक नियंत्रण के बीच एक संतुलन स्थापित किया है।

यह फैसला मदरसा संचालकों के लिए एक चेतावनी भी है कि बिना मान्यता के वे केवल एक निजी संस्था के रूप में ही कार्य कर सकते हैं। उन्हें बोर्ड से मान्यता और छात्रों की डिग्रियां सरकारी नौकरियों के लिए मान्य नहीं होंगी। मदरसा प्रबंधन को अब अपने छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए जल्द से जल्द सरकारी मानकों को पूरा कर मान्यता प्राप्त करनी होगी।

About

Journalist covering latest updates.

अगली खबरें

स्टेनोग्राफर परीक्षा के बाद परीक्षार्थियों की भीड़ ने ट्रेनों में मचाया हंगामा, Kanpur Central पर अफरातफरी

उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की स्टेनोग्राफर परीक्षा के संपन्न होने के बाद कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर मंगलवार को परीक्षार्थियों की भारी भीड़ देखने को मिली। जोधपुर-हावड़ा एक्सप्रेस और गोरखपुर पनवेल एक्सप्रेस के प्लेटफार्म...
By Jan 20, 2026

स्टेनोग्राफर परीक्षा के बाद परीक्षार्थियों की भीड़ ट्रेनों में घुसी, कानपुर सेंट्रल पर अफरातफरी

यूपी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की स्टेनोग्राफर परीक्षा संपन्न होने के बाद मंगलवार दोपहर कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर परीक्षार्थियों का सैलाब उमड़ पड़ा। जोधपुर-हावड़ा एक्सप्रेस और गोरखपुर पनवेल एक्सप्रेस के प्लेटफार्म पर आते ही परीक्षार्थी...
By Jan 20, 2026

पेंशन बंटवारे के लिए बहन को पीटा, UP crime news

जबरौली में एक परिवार के भीतर पेंशन के बंटवारे को लेकर गंभीर विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। लक्ष्मी देवी नाम की बुजुर्ग महिला की पेंशन राशि को लेकर उनकी तीन बेटियों के बीच कहासुनी...
By Jan 20, 2026

फरीदपुर गोशाला प्रकरण: प्रधान और 35 अज्ञात के खिलाफ FIR दर्ज, मारपीट का आरोप

सहावर के फरीदपुर स्थित गोशाला में गोवंश ले जाने के विरोध में हुई मारपीट की घटना ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में पुलिस ने स्थानीय प्रधान, उनके ससुर और लगभग 35 अज्ञात व्यक्तियों...
By Jan 20, 2026

कासगंज में भूमि विकास बैंक की पांचों शाखाओं पर भाजपा की जीत तय, सपा ने लगाए आरोप

कासगंज जनपद में भूमि विकास बैंक की पांच शाखाओं में अध्यक्ष पदों के लिए भाजपा प्रत्याशियों का निर्विरोध निर्वाचन तय माना जा रहा है। नामांकन प्रक्रिया संपन्न होने के बाद निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, सभी...
By Jan 20, 2026

शाहजहांपुर: कोतवाल ने सिपाही को दी गोली मारने की धमकी, ऑडियो वायरल | Shahjahanpur police news

शाहजहांपुर के चौक कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक अश्वनी कुमार सिंह का एक ऑडियो वायरल हुआ है, जिसमें वे एक सिपाही को कथित तौर पर गोली मारने की धमकी दे रहे हैं। ऑडियो में कोतवाल सिपाही...
By Jan 20, 2026

आईआईटी कानपुर में शोधार्थी को छात्रों ने कैंडल मार्च निकालकर दी श्रद्धांजलि, IIT Kanpur student tribute

आईआईटी कानपुर में शोधार्थी रामस्वरूप इशराम के आकस्मिक निधन से संस्थान में शोक की लहर दौड़ गई है। इस दुखद घटना के बाद, छात्रों ने उनकी स्मृति में न्यू एसबीआरए बिल्डिंग के पास एक कैंडल...
By Jan 20, 2026

सीडी विवाद में हत्या: अधिवक्ता को उम्रकैद, 12 हजार जुर्माना

कानपुर की एक अदालत ने 16 साल पुराने एक हत्या के मामले में अधिवक्ता गौरव शुक्ला को आजीवन कारावास और 12 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह घटना सीडी बदलने को लेकर हुए...
By Jan 20, 2026

साझा करें