Lucknow University: मृत कर्मचारी की पेंशन 6 साल तक लेता रहा बेटा, रिश्तेदार को खड़ा कर किया फर्जीवाड़ा
लखनऊ विश्वविद्यालय में एक मृत कर्मचारी के बेटे और पोतों पर छह साल तक फर्जीवाड़ा कर पेंशन लेने का आरोप लगा है। कैसरबाग कोतवाली में कोर्ट के आदेश पर मृतक के भतीजे ने बेटे और तीन पोतों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि उन्होंने मृत कर्मचारी को जीवित दर्शाकर सरकारी कोष को नुकसान पहुंचाया।
पुलिस के मुताबिक, यह मामला लखनऊ विश्वविद्यालय (Lucknow University) के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पुत्तीलाल से जुड़ा है। पुत्तीलाल वर्ष 2002 में सेवानिवृत्त हुए थे और उनकी मृत्यु 23 दिसंबर 2017 को हुई थी। आरोप है कि पुत्तीलाल की मौत के बाद उनके बेटे राम बहादुर, पोतों अभिषेक, विवेक और विशाल ने साजिश रची। उन्होंने पेंशन विभाग को मृत्यु की जानकारी नहीं दी और पुत्तीलाल को जीवित दर्शाते रहे।
आरोप के अनुसार, आरोपियों ने पुत्तीलाल के स्थान पर एक रिश्तेदार चुन्नीलाल को खड़ा किया और उनके अंगूठे लगवाकर पेंशन लेते रहे। यह फर्जीवाड़ा वर्ष 2023 तक चलता रहा। इस दौरान सरकारी कोष को भारी क्षति पहुंची।
मामले का खुलासा तब हुआ जब रिश्तेदार चुन्नीलाल को इस धोखाधड़ी का पता चला और उन्होंने विश्वविद्यालय में शपथ पत्र दिया। इसके बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो मृतक के भतीजे आयुष ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर कैसरबाग पुलिस ने अब आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। इंस्पेक्टर कैसरबाग अंजनी मिश्रा ने बताया कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
