लखनऊ मर्डर: प्रेमिका ने पकड़े हाथ, पति ने दबाया गला, 10 लाख के जेवर बरामद
लखनऊ के रहीमाबाद में एक खौफनाक हत्या का मामला सामने आया है, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस की जांच में पता चला है कि अंजली की हत्या उसके पति उमेंद्र सिंह ने अपनी प्रेमिका आरती वर्मा के साथ मिलकर की थी। इतना ही नहीं, हत्या के बाद उमेंद्र ने अपनी पत्नी के करीब 10 लाख रुपये के जेवरात प्रेमिका आरती को दे दिए थे। पुलिस ने जब हत्या के आरोप में पति को पकड़ा, तो उसने यह भयानक सच कबूल कर लिया। पुलिस ने प्रेमिका आरती के पास से मृतक अंजली के कीमती जेवरात बरामद कर लिए हैं। दोनों आरोपियों ने यह भी कबूल किया कि जब उमेंद्र ने अंजली का गला दबाया, तब आरती ने उसके हाथ पकड़ रखे थे। इस जघन्य अपराध के बाद पुलिस ने अंजली के पति और उसकी प्रेमिका को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अंजली के भाई पुष्पेंद्र ने अन्य आरोपियों को भी जल्द से जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजने की मांग की है।
इस घटना का खुलासा करते हुए मलिहाबाद एसीपी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि 30 जुलाई की देर रात को सहिजना निवासी उमेंद्र ने अपनी पत्नी अंजली को स्विफ्ट डिजायर कार में पीछे बैठाया था। कार को एक सुनसान जगह पर रोकने के बाद, उमेंद्र ने अपनी प्रेमिका आरती को भी वहां बुला लिया था। इसके बाद, उमेंद्र ने कार के अंदर ही अपनी प्रेमिका के साथ मिलकर पत्नी अंजली का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। हत्या को छुपाने के लिए, उन्होंने अंजली की साड़ी में एक बड़ा पत्थर बांधा और शव को इटौंजा के पास पुल से गोमती नदी में फेंक दिया, ताकि शव गहराई में चला जाए। हालांकि, पत्थर के खुल जाने के कारण शव नदी के किनारे ही रह गया। अंधेरा होने के कारण हत्यारे यह देख नहीं पाए और तुरंत वहां से भाग निकले।
रहीमाबाद इंस्पेक्टर अरुण कुमार त्रिगुनायक ने बताया कि हत्या के तुरंत बाद, उमेंद्र ने अपनी प्रेमिका आरती को अपनी पत्नी अंजली के 32 प्रकार के करीब 10 लाख रुपये के जेवरात, जिनमें सोने के हार, कंगन, झुमकी, नथुनी और चांदी के जेवरात शामिल थे, दे दिए थे। अगले दिन, 31 जुलाई को, उमेंद्र प्रताप सिंह खुद थाने पहुंचा और अपनी पत्नी अंजली की गुमशुदगी दर्ज कराई। उसने गुमशुदगी की रिपोर्ट में यह भी लिखा कि उसकी पत्नी जेवरात लेकर कहीं चली गई है। पुलिस ने इस मामले में उमेंद्र और उसकी प्रेमिका आरती को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में इस्तेमाल की गई कार भी बरामद कर ली है।
भाई पुष्पेंद्र की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में अन्य आरोपियों, जैसे चाचा उमेश सिंह, सास गायत्री, चालक सुजीत चौरसिया और कपिल की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुष्पेंद्र ने मांग की है कि इन सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए ताकि अंजली को न्याय मिल सके। यह भी पता चला है कि हत्यारोपी पति उमेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ वर्ष 2020 में हरदोई के लोनार थाने में मारपीट, गाली-गलौज और धमकी का मुकदमा दर्ज है। पुलिस अन्य जिलों में भी उसके आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है। इस घटना ने समाज में महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और यह मामला सार्वजनिक चिंता का विषय बन गया है।
