लखनऊ आग: फर्जी एनओसी से वाणिज्यिक कनेक्शन, 15 बच्चों की मौत का मामला
लखनऊ के अलीगंज में कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने की घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस दुखद हादसे में अब तक 15 बच्चों की जान जा चुकी है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि जिस भवन में यह कोचिंग सेंटर संचालित हो रहा था, उसके वाणिज्यिक बिजली कनेक्शन के लिए विद्युत सुरक्षा निदेशालय से जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) फर्जी निकला है।
सूत्रों के अनुसार, यह एनओसी वर्ष 2016 में जारी की गई थी और इसी के आधार पर भवन के बिजली कनेक्शन को घरेलू से वाणिज्यिक में बदला गया था। हालांकि, जब विद्युत सुरक्षा निदेशालय ने इस एनओसी की गहन जांच की, तो पता चला कि यह निदेशालय से जारी ही नहीं हुई है। एनओसी पर मौजूद हस्ताक्षर भी फर्जी पाए गए। इससे भी चौंकाने वाली बात यह है कि जिस एनओसी संख्या का उल्लेख किया गया है, उस पर किसी अन्य प्रतिष्ठान को एनओसी जारी की गई थी।
यह मामला राज्य में वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए जारी बिजली कनेक्शनों की सुरक्षा मानकों पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। प्रदेश में लाखों वाणिज्यिक उपभोक्ता हैं, और यदि इस तरह की फर्जी एनओसी का इस्तेमाल व्यापक रूप से हुआ है, तो यह एक बड़ी समस्या का रूप ले सकता है। विद्युत सुरक्षा निदेशालय के लिए यह पता लगाना एक बड़ी चुनौती होगी कि किन प्रतिष्ठानों को वास्तविक एनओसी जारी की गई थी और किनके द्वारा फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया।
इस घटना के बाद, यह आशंका जताई जा रही है कि कुल वाणिज्यिक संयोजनों में से लगभग 25 प्रतिशत तक ऐसे हो सकते हैं जिनमें फर्जी एनओसी का इस्तेमाल किया गया हो। विशेष रूप से, घरेलू से वाणिज्यिक कनेक्शन में परिवर्तन के मामलों में फर्जी एनओसी की आशंका अधिक है। इस पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
