लखनऊ पुस्तक मेला: कठपुतली प्रदर्शन और कई किताबों का विमोचन, Lucknow book fair का जलवा
रवीन्द्रालय चारबाग में आयोजित लखनऊ पुस्तक मेला ईद की छुट्टी के बावजूद पुस्तक प्रेमियों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। मेले के साहित्यिक मंच पर दिनभर साहित्य विमर्श और अन्य कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनमें लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यह मेला रविवार को समाप्त हो जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय पुतुल दिवस के अवसर पर, काफिला नाट्य संस्थान के कलाकारों ने मेराज आलम के निर्देशन में मनमोहक कठपुतली का खेल प्रस्तुत किया। पारंपरिक कठपुतली कलाकार नौशाद की उपस्थिति ने इस प्रदर्शन को और खास बनाया। इससे पहले, ‘कलम से कंप्यूटर’ विषय पर हुई परिचर्चा में डॉ. सुधाकर अदीब ने अपने विचार रखे।
साहित्यिक विधाओं में, रमाकांत श्रीवास्तव स्मृति संस्थान की ओर से ‘नमन के भाव सुमन’ और ‘रससिद्ध कवि क्रांतिकारी हितैषी’ का विमोचन हुआ। साथ ही, मिथिलेश दीक्षित की पुस्तक ‘मेरा साक्षात्कार’ का भी विमोचन किया गया। इस अवसर पर डॉ. अमिता दुबे, अलका प्रमोद, करुणा पांडे, सुशील अवस्थी और विनय श्रीवास्तव मंच पर मौजूद रहे।
एक अन्य महत्वपूर्ण विमोचन प्रो. नरेशचंद्र त्रिपाठी की पुस्तक ‘एक राम अनेक आयाम’ का हुआ, जिसमें डॉ. विद्या विंदु सिंह, दयानंद पांडेय, डॉ. विश्वंभर शुक्ल, प्रो. उमाशंकर शुक्ल शितिकंठ, प्रद्युम्न तिवारी और विनय दास जैसे साहित्यकारों ने अपने विचार व्यक्त किए। इसी क्रम में आलोक दुबे के कथा संग्रह को भी पाठकों के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इन साहित्यिक आयोजनों ने पुस्तक मेले की गरिमा को और बढ़ाया है।
