हत्या के दोषी को उम्रकैद: बंटवारे के विवाद में पिता की हत्या का मामला, कोर्ट ने सुनाई सजा
कासगंज जिले के गंजडुंडवारा थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज हत्या के मामले में न्यायालय ने अहम फैसला सुनाया है। वर्ष 2022 में नगला चिना गांव में पिता की निर्मम हत्या के दोषी पाए गए पुत्र सुरेश को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह घटना बंटवारे के विवाद का परिणाम थी, जिसने एक परिवार को तोड़ दिया।
घटना का विवरण
11 मई 2022 की रात को कालीचरन अपने खेत पर सो रहे थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने कुल्हाड़ी से उन पर जानलेवा प्रहार किया। गंभीर रूप से घायल कालीचरन की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस संबंध में मृतक के दूसरे पुत्र सुभाषचंद्र ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच शुरू की और डॉग स्क्वाड की मदद से साक्ष्य जुटाए।
पुत्र निकला हत्यारा
जांच के दौरान मृतक के पुत्र सुरेश का नाम सामने आया। पुलिस हिरासत में हुई पूछताछ में सुरेश ने स्वीकार किया कि संपत्ति के बंटवारे को लेकर हुए विवाद के चलते उसने अपने पिता की हत्या की थी। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त आला-ए-कत्ल भी बरामद कर लिया था।
न्यायालय का फैसला
सभी साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुतोष कुमार शर्मा ने सुरेश को दोषी करार दिया। न्यायालय ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई और दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड की राशि जमा न करने की स्थिति में उसे एक महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस फैसले से समाज में एक बार फिर संपत्ति विवादों के चलते होने वाली हिंसक घटनाओं पर चिंता जताई जा रही है।
