IAS अधिकारी रिंकू सिंह ने एसोसिएशन से मांगा निष्कासन का रास्ता, जानें क्या है मामला
उत्तर प्रदेश कैडर के 2023 बैच के आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) से इस्तीफा देने के बाद अब आईएएस एसोसिएशन को भी पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने एसोसिएशन से यह मार्गदर्शन मांगा है कि उनकी सेवा से निष्कासित होने की प्रक्रिया क्या है। रिंकू सिंह ने हाल ही में राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा भेजा था, जिसमें उन्होंने समाज कल्याण विभाग में अपने पूर्व कनिष्ठ पद पर पुनः कार्यभार ग्रहण करने की इच्छा व्यक्त की थी।
सेवा में उदासीनता का आरोप
अपने पत्र में रिंकू सिंह ने कहा है कि एसोसिएशन द्वारा उनके जैसे कनिष्ठ अधिकारियों की नैतिक और कर्तव्यनिष्ठ चिंताओं के प्रति लगातार उदासीनता दिखाई गई है। उनका मानना है कि यह रवैया संस्थागत विवेक के क्षरण को दर्शाता है और उस संवैधानिक नैतिकता को कमजोर करता है जिसे यह सेवा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इस स्थिति का अधिकारियों के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है, विशेषकर उन लोगों पर जो निकट भविष्य में इस सेवा में शामिल होने वाले हैं।
काम न मिलने से थे नाराज
बता दें कि रिंकू सिंह राही, जो अलीगढ़ के रहने वाले हैं और बीटेक व एमए की डिग्री रखते हैं, काम न मिलने से नाराज थे। उन्होंने 29 सितंबर 2025 और 27 दिसंबर 2025 को बिना काम के वेतन लेने से इनकार करते हुए इसे वापस लेने के लिए राजस्व परिषद के अध्यक्ष और आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद को पत्र भी लिखा था। उनका कहना था कि बार-बार कहने के बावजूद उन्हें काम आवंटित नहीं किया गया और उनके अधीनस्थ भी सहयोग नहीं कर रहे थे। इसी कारण उन्होंने आईएएस पद से इस्तीफा देने और पूर्व की सेवा में भेजे जाने का अनुरोध किया है। इससे पहले वह समाज कल्याण अधिकारी के पद पर कार्यरत थे।
