एलडीए का खेल: सील तोड़कर बिल्डिंगें बन रहीं, जिम्मेदार इंजीनियरों पर सवाल
लखनऊ शहर में अवैध निर्माण और प्राधिकरण की सीलिंग कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। गोमती नगर विस्तार में सील किए गए एक कॉम्प्लेक्स का निर्माण सीलिंग के बावजूद पूरा हो गया और अब वह संचालित भी हो रहा है। इसी तरह, एक सील किया गया कार गैराज भी फिर से पूरी क्षमता से चालू है। पड़ताल में सामने आया है कि गोमती नगर, अलीगंज, निराला नगर, कानपुर रोड, अयोध्या रोड पर सैकड़ों सील की गई इमारतों में निर्माण कार्य जारी है। पिकनिक स्पॉट रोड पर सील किया गया अपार्टमेंट न केवल बनकर तैयार हो गया है, बल्कि लोग उसमें रहने भी लगे हैं, जबकि रिकॉर्ड में वह आज भी सील है।
एलडीए इंजीनियरों की मिलीभगत का खुलासा
सूत्रों के अनुसार, कई मामलों में इंजीनियरों ने सामान निकालने के बहाने सील खुलवाई और इसी दौरान निर्माण कार्य जारी रहा। इसके बाद परिसर व्यावसायिक रूप से इस्तेमाल होने लगे। यह स्थिति भ्रष्टाचार और लापरवाही को दर्शाती है। शहर में 6000 से अधिक भवनों को एलडीए द्वारा सील किया गया है, लेकिन इनमें से बड़ी संख्या में व्यावसायिक गतिविधियां फिर से शुरू हो चुकी हैं। बिना इंजीनियरों और कुछ अधिकारियों की मिलीभगत के ऐसा संभव नहीं है।
कमिश्नर ने लिया संज्ञान
हाल ही में हुई समीक्षा बैठक में कमिश्नर विजय विश्वास पंत ने इस मुद्दे पर गंभीरता से संज्ञान लिया। उन्होंने प्राधिकरण सचिव विवेक श्रीवास्तव को पत्र लिखकर ऐसे सभी मामलों में जिम्मेदार इंजीनियरों की रिपोर्ट तलब की है। दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अवैध कार गैराजों पर भी कार्रवाई फेल
पिछले साल शासन के निर्देश पर एलडीए ने शहर भर में अवैध कार गैराजों के खिलाफ अभियान चलाया था और सैकड़ों गैराज सील किए थे। हालांकि, पड़ताल में सामने आया है कि लगभग सभी गैराज फिर से खुल गए हैं और बेखौफ चल रहे हैं। इंजीनियरों की जानकारी के बावजूद कार्रवाई न होना, पूरे अभियान को सवालों के घेरे में खड़ा करता है।
