कटिहार में आचार संहिता की धज्जियां: खुलेआम बिक रही शराब, कानून-व्यवस्था पर सवाल
बिहार में विधानसभा चुनावों की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो चुकी है, जिसका मुख्य उद्देश्य निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करना है। हालांकि, कटिहार जिले से आ रही खबरें इन नियमों के खुले उल्लंघन का संकेत दे रही हैं। यहां खुलेआम शराब की बिक्री जारी है, जिसने न केवल कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि चुनावी माहौल में प्रशासन की भूमिका को भी संदिग्ध बना दिया है।
आचार संहिता के तहत शराब की बिक्री, वितरण और सेवन पर सख्त प्रतिबंध होता है, लेकिन कटिहार में शराब माफिया बेखौफ होकर अपना धंधा चला रहे हैं। पुलिस की सख्ती का डर मानो उनके सिर से उतर गया है। नगर थाना क्षेत्र सहित जिले के कई इलाकों में, विशेषकर संतोषी चौक जैसे स्थानों पर, सुबह पांच बजे से रात ग्यारह बजे तक देसी और अंग्रेजी शराब की खुलेआम बिक्री हो रही है।
इस अवैध कारोबार के चलते इन इलाकों में आए दिन नशे में धुत लोगों के बीच झगड़े और हंगामे की घटनाएं आम हो गई हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे शराब माफियाओं की धमकियों और पुलिसिया सांठगांठ के डर से शिकायत करने से भी कतराते हैं। नाम न छापने की शर्त पर कुछ लोगों ने बताया कि विरोध करने पर मारपीट और जान से मारने की धमकियां मिलती हैं, जिससे वे भयभीत रहते हैं।
हालांकि, पुलिस द्वारा कई बार छापेमारी की कार्रवाई की गई है, लेकिन शराब कारोबारियों पर इसका कोई खास असर नहीं दिख रहा है। अधिकतर तस्कर पुलिस कार्रवाई से पहले ही सतर्क हो जाते हैं और गिरफ्तारी से बच निकलते हैं। यह स्थिति पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है और स्थानीय लोगों में विश्वास की कमी पैदा करती है।
स्थानीय नागरिकों ने पुलिस प्रशासन से इस दिशा में तत्काल और समुचित कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी बड़ी घटना को टाला जा सके। उन्होंने चुनावी माहौल में शांति बनाए रखने के लिए शराब कारोबार पर सख्त रोक लगाने और जिम्मेदार अधिकारियों को नियमित निगरानी के निर्देश देने की अपील की है। इस संबंध में, कटिहार के एसपी शिखर चौधरी ने कहा है कि शराब बिक्री की जानकारी मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी और संबंधित थानाध्यक्षों को ऐसे अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए जाएंगे।
आचार संहिता लागू होने के बावजूद शराब की अवैध बिक्री और तस्करी का यह सिलसिला न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा खतरा बन गया है। प्रशासन को इस गंभीर चुनौती का सामना करने के लिए अधिक सक्रिय और प्रभावी भूमिका निभानी होगी।
