कानपुर लेखपालों की हड़ताल खत्म, 13 दिन बाद काम पर लौटे
कानपुर में लेखपालों की 13 दिन लंबी हड़ताल आखिरकार सोमवार को खत्म हो गई। एडीएम फाइनेंस ने धरना स्थल पर पहुंचकर लेखपालों की मांगों को मान लिया, जिसके बाद सभी लेखपाल काम पर लौट आए। इस हड़ताल के कारण आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र जैसे महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज नहीं बन पा रहे थे, जिससे आम जनता को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
लेखपालों ने कार्यवाहक तहसीलदार घाटमपुर पर मनमानी और उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के बैनर तले धरना प्रदर्शन शुरू किया था। उनकी मुख्य मांगें थीं कि पिछले एक साल में उनके खिलाफ की गई कार्रवाई को वापस लिया जाए और कार्यवाहक तहसीलदार घाटमपुर के खिलाफ जांच कराई जाए।
हड़ताल के दौरान, लेखपालों ने कामकाज ठप रखा, जिससे लगभग एक हजार से ज्यादा आवेदन लंबित हो गए। सोमवार दोपहर को, उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रतिनिधिमंडल ने एडीएम फाइनेंस से मुलाकात की। इसके बाद, एडीएम फाइनेंस ने धरना स्थल पर पहुंचकर लेखपालों की मांगों को सुना और उन्हें स्वीकार कर लिया।
लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष मोहित सचान ने बताया कि मांगों के माने जाने के बाद हड़ताल समाप्त कर दी गई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कार्यवाहक तहसीलदार घाटमपुर के खिलाफ प्रत्यावेदन दिया जाएगा, जिसके आधार पर जांच होगी और रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
