‘द फैमिली मैन’ के ‘जेके’ Sharib Hashmi ने बताया क्यों 10 साल तक करियर शुरू नहीं कर पाए, खुद पर था शक
अभिनेता शरीब हाशमी, जिन्हें ‘द फैमिली मैन’ सीरीज में ‘जेके’ के किरदार से घर-घर में पहचान मिली, ने हाल ही में अपने शुरुआती करियर के संघर्षों पर बात की है। उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा था जब उन्हें अपने अभिनय कौशल पर नहीं, बल्कि अपनी शारीरिक बनावट पर संदेह था। शरीब हाशमी ने स्वीकार किया कि उन्हें लगता था कि वह हीरो बनने के लिए पर्याप्त लंबे नहीं हैं, जिसके कारण उन्होंने लगभग एक दशक तक अभिनय में करियर बनाने की कोशिश ही नहीं की।
शरीब हाशमी ने बताया कि उनके पिता एक जाने-माने फिल्म पत्रकार थे, जिसके कारण उनका बचपन फिल्मों के इर्द-गिर्द बीता। वह धर्मेंद्र, अमिताभ बच्चन और गोविंदा जैसे अभिनेताओं को देखकर बड़े हुए। बचपन से ही अभिनय का कीड़ा उनमें था, लेकिन उन्हें लगता था कि हीरो बनने के लिए एक निश्चित कद और लुक होना जरूरी है। उन्होंने बताया कि जब वह पार्टियों में जाते थे तो खुद को दूसरों से छोटा पाते थे, जिससे उनमें असुरक्षा की भावना पैदा हुई।
हाशमी ने बताया कि यह असुरक्षा उनकी सबसे बड़ी बाधा थी, जिसने उन्हें अभिनय के क्षेत्र में आने से रोके रखा। हालांकि, समय के साथ उनकी सोच बदली। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने 2003 में एमटीवी जॉइन किया, तो उन्हें विश्व सिनेमा (ईरानी, फ्रेंच फिल्में) देखने का मौका मिला। इन फिल्मों में अलग-अलग तरह के चेहरे और कहानियाँ देखीं। इससे उन्हें एहसास हुआ कि अभिनय में लुक मायने नहीं रखता, बल्कि प्रतिभा महत्वपूर्ण है।
इस बदलाव के बाद, शरीब हाशमी ने 2008 में अपनी नौकरी छोड़ दी और पूरी तरह से अभिनय पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने जॉनी लीवर की मिमिक्री करके भी काफी प्रशंसा पाई है, जिसे वह अपने शुरुआती दिनों की एक महत्वपूर्ण कला मानते हैं। आज, शरीब हाशमी बॉलीवुड में एक स्थापित अभिनेता के रूप में जाने जाते हैं, जिन्होंने अपनी प्रतिभा से साबित कर दिया कि सफलता के लिए केवल प्रतिभा ही मायने रखती है।
