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झारखंड PSC भर्ती परीक्षा विवाद: छात्रों ने CM से सीधी बातचीत की मांग, CBI-ED जांच पर अड़े

By Aug 6, 2026

झारखंड में लोक सेवा आयोग (JPSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है। सरकार ने छात्रों को बातचीत का प्रस्ताव दिया है, लेकिन छात्रों ने एक अहम शर्त रखी है। उन्होंने मांग की है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं उनसे बात करें और इस बातचीत में कम से कम दो मीडिया प्रतिनिधि भी मौजूद रहें। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरना दे रहे छात्र नेता रविंद्र पासवान ने बताया कि सरकार की ओर से प्रस्ताव लेकर आए SDO ने छात्र प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के नाम मांगे हैं। इसके बाद बैठक की तारीख और समय तय किया जाएगा।

छात्रों का आरोप है कि सरकार केवल 5 सदस्यीय टीम को बुलाकर आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। इस बीच, देवेंद्र नाथ महतो समेत 6 छात्र अनशन पर बैठे हुए हैं और वे मामले की CBI-ED जांच की मांग कर रहे हैं।

परीक्षा रद्द और गिरफ्तारी

CID ने बुधवार देर रात मामले में पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें परीक्षा संचालन करने वाली आउटसोर्स एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) के अकाउंटेंट रक्षक सिंह भी शामिल हैं। इस मामले में अब तक कुल 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

विवाद की जड़

यह विवाद 2 जुलाई को झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट जारी करने के बाद शुरू हुआ। इसमें 2,204 उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए चुना गया था। रिजल्ट आने के बाद कई उम्मीदवारों ने गड़बड़ी के आरोप लगाए, जिसमें कट-ऑफ जारी न करना और एक उम्मीदवार की कथित OMR शीट का सोशल मीडिया पर वायरल होना शामिल था। दावा किया गया कि उस उम्मीदवार ने केवल 48 सवाल हल किए फिर भी उसे मुख्य परीक्षा के लिए चुन लिया गया। आयोग के अधिकारियों के हस्ताक्षर न होने पर भी सवाल उठाए गए। विवाद बढ़ने के बाद JPSC ने मुख्य परीक्षा रद्द कर दी थी। यह पूरा मामला राज्य की युवा शक्ति के भविष्य से जुड़ा है, जिस पर सरकार को त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई करनी चाहिए।

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