Javed Akhtar ने बताया जन्म के समय क्यों नहीं हुई अजान, बोले- मेरे कान में पढ़ा गया था CPI मेनिफेस्टो
मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में कई मुद्दों पर खुलकर बात की। उन्होंने अपने जन्म के समय की एक घटना साझा करते हुए कहा कि उनके कान में अजान नहीं, बल्कि कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI) का मेनिफेस्टो पढ़ा गया था। यह सुनकर कार्यक्रम में मौजूद लोग हैरान रह गए।
जावेद अख्तर से पूछा गया था कि क्या नास्तिक होने के बावजूद उनके जन्म पर पारंपरिक रूप से अजान दी गई थी। इस पर उन्होंने बताया कि उनका जन्म ग्वालियर में हुआ था और उनके पिता के कम्युनिस्ट दोस्त अस्पताल में बधाई देने आए थे। जब एक दोस्त ने अजान पढ़ने की बात कही, तो उनके पिता ने पास रखे सीपीआई मेनिफेस्टो को कान में पढ़ने का फैसला किया।
संवाद के दौरान जावेद अख्तर ने सोशल मीडिया पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया लोकतंत्र के लिए नुकसानदायक साबित हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया पर 85 प्रतिशत चीजें झूठी होती हैं और यह नकारात्मकता से भरा हुआ है। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि इसे ज्यादा गंभीरता से नहीं लेना चाहिए।
जावेद अख्तर ने धर्म और राष्ट्रवाद के संबंध पर भी बात की। उन्होंने कहा कि अक्सर उनसे पूछा जाता है कि पहले धर्म या देश। नास्तिक होने के कारण उन्हें यह सुविधा मिलती है कि उनके सामने सिर्फ देश है। उन्होंने कहा कि धर्म डर और लालच पर आधारित है, जबकि नैतिकता इससे अलग होती है।
उन्होंने अपने पैतृक स्थानों खैराबाद और रुदौली की यादें भी साझा कीं। उन्होंने बताया कि वह बचपन में रुदौली गए थे और वर्षों बाद दोबारा जाने पर भी उन्हें घर की सीढ़ियां और खिड़कियां याद थीं।
