संविधान को अपने से नीचे समझना ठीक नहीं: अखिलेश यादव का BJP पर हमला, UP politics में गरमाई बहस
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर संविधान की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सत्ता के अहंकार में डूबी भाजपा संविधान को अपने से नीचे समझ रही है, जो कि ठीक नहीं है। अखिलेश यादव ने भाजपा नेताओं के खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लेने के मामले पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि जब अपने ऊपर लगे मुकदमे हटवाए थे, तो संविधान के किस अनुच्छेद के तहत ऐसा वैध कार्य किया गया था।
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो महोदय ‘सनातनी संतों’ का तिरस्कार मंचों से लगातार कर रहे हैं और अपमानजनक उपमा दे रहे हैं, उन्हें मौन ही रहना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी विध्वंसकारी नकारात्मक ‘बुलडोजरी सोच’ के समर्थन में नारे लगवाकर माघ मेले के धार्मिक सौहार्द को बिगाड़ा जा रहा है। अखिलेश ने यह भी कहा कि माघ मेले के उपद्रवियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज नहीं किया जा रहा है।
अखिलेश यादव ने कहा कि सत्ताकामी भाजपा का धर्म विरोधी चेहरा बेनकाब हो गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि हठ, हत करता है। उन्होंने कहा कि भाजपाइयों का विचार, वक्तव्य और व्यवहार सदैव असंवैधानिक होता है। अखिलेश ने कहा कि अब अगर भाजपाई और उनके संगी-साथी माफी भी मांग लेंगे तो उसका कोई अर्थ नहीं होगा, क्योंकि मायने उसी माफी के होते हैं जो मन से मांगी जाती है, मजबूरी से नहीं।
इससे पहले गणतंत्र दिवस के अवसर पर अखिलेश यादव ने देश के गणतंत्र के आधार जनतंत्र और उसके आधार ‘संविधान’ की रक्षा का संकल्प लेने की अपील की थी।
