भारत का ‘ड्रोन शक्ति मिशन’: सैन्य अभियानों में आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम
भारत सरकार जल्द ही ‘ड्रोन शक्ति मिशन’ की शुरुआत करने जा रही है, जिसका प्राथमिक लक्ष्य देश को ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है। इस मिशन के माध्यम से आयात पर निर्भरता कम करते हुए, ड्रोन के महत्वपूर्ण पुर्जों के स्वदेशी निर्माण को बढ़ावा दिया जाएगा। यह पहल न केवल सैन्य अभियानों के लिए, बल्कि उत्पादों की डिलीवरी जैसी नागरिक उपयोगिताओं में भी ड्रोन की भूमिका को मजबूत करेगी।
प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार अजय कुमार सूद के अनुसार, इस मिशन के दो प्रमुख स्तंभ होंगे: पहला, ड्रोन कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग को गति देना और दूसरा, उच्च-स्तरीय ड्रोन के लिए आवश्यक अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) को प्रोत्साहित करना। इसका उद्देश्य देश में ही उन्नत ड्रोन तकनीक का विकास सुनिश्चित करना है।
यह मिशन नेशनल रिसर्च फाउंडेशन (एएनआरएफ) के तत्वावधान में लॉन्च किया जाएगा, जिसका लक्ष्य देश में शोध, नवाचार और तकनीकी विकास की संस्कृति को मजबूत करना है। सरकार तकनीकी संप्रभुता को हासिल करने के लिए एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और रोबोटिक्स जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर भी विशेष ध्यान केंद्रित कर रही है। इस मिशन से भारत की रक्षा क्षमता और तकनीकी प्रगति को नई ऊंचाइयां मिलेंगी।
