इंडियन आर्मी को मिले 123 नए डॉक्टर, 9 हफ्तों की कठिन ट्रेनिंग के बाद हुए तैयार
भारतीय सेना को 9 हफ्तों की गहन कॉम्बैट ट्रेनिंग के बाद 123 नए मेडिकल और डेंटल अधिकारी मिले हैं। लखनऊ स्थित आर्मी मेडिकल कोर सेंटर में सोमवार को इन अधिकारियों की पासिंग आउट परेड आयोजित की गई। इस बैच में 32 महिला अधिकारी भी शामिल थीं, जिन्होंने थल सेना, वायु सेना और नौसेना तीनों सेवाओं का प्रतिनिधित्व किया। अब ये अधिकारी रणक्षेत्र में सैनिकों के जीवन की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
इन युवा प्रोफेशनल्स को केवल मेडिकल प्रैक्टिस ही नहीं, बल्कि गहन युद्धक्षेत्र चिकित्सा सहायता (Intensive Combat Medical Support) का प्रशिक्षण दिया गया है। 9 हफ्तों के इस कड़े प्रशिक्षण ने एक सामान्य सिविलियन डॉक्टर को अनुशासित सैन्य अधिकारी में बदल दिया। अधिकारियों ने एडवांस ट्रॉमा लाइफ सपोर्ट प्रोवाइडर कोर्स भी पूरा किया, जो उन्हें आधुनिक युद्धों के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार करता है।
पासिंग आउट परेड के दौरान कैप्टन कौशल जोशी को पाठ्यक्रम के सर्वश्रेष्ठ सर्वांगीण अधिकारी के रूप में चुना गया और उन्हें कमांडेंट रोलिंग ट्रॉफी से सम्मानित किया गया। वहीं, कैप्टन सौरभ साहिबराव सालुंखे को फील्ड स्पर्धाओं में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए मेजर लैशराम ज्योतिन सिंह अशोक चक्र मेमोरियल ट्रॉफी प्रदान की गई।
