H-1B वीजा धारकों पर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की टिप्पणी पर भारत की कड़ी आपत्ति | india us relations
अमेरिकी प्रशासन और भारत के बीच एच-1बी वीजा के मुद्दे पर कूटनीतिक तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने हाल ही में एच-1बी वीजा पर अमेरिका में काम कर रहे तकनीकी विशेषज्ञों के लिए ‘बंधुआ मजदूर’ जैसे अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया था, जिस पर भारत ने कड़ा ऐतराज जताया है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस बयान को पूरी तरह खारिज करते हुए इसे बेहद अनुचित और अपमानजनक बताया है। मंत्रालय की ओर से स्पष्ट किया गया है कि ऐसी शब्दावली का प्रयोग करना दर्दनाक ऐतिहासिक और औपनिवेशिक दौर की याद दिलाता है। भारत ने याद दिलाया कि ब्रिटिश काल में ‘गिरमिटिया मजदूर’ प्रथा के तहत किस तरह शोषण किया जाता था और इस तरह की तुलना करना पूरी तरह निराधार है।
यह विवाद तब और गहरा गया जब वाशिंगटन ने उस प्रोग्राम के तहत आवेदन स्वीकार करना बंद कर दिया, जिसके जरिए बड़ी तकनीकी कंपनियां विदेशी कर्मचारियों को स्थायी नागरिकता के लिए स्पॉन्सर करती थीं। वेंस ने माइक्रोसॉफ्ट और इंफोसिस जैसी दिग्गज कंपनियों पर अमेरिकी नागरिकों की जगह सस्ते विदेशी कर्मचारियों को रखने का आरोप लगाया था।
इसके जवाब में भारत ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में भारतीय प्रोफेशनल्स के योगदान को रेखांकित किया। सरकार ने कहा कि कुशल भारतीय प्रतिभाओं के आने से केवल कामगारों को ही नहीं, बल्कि अमेरिकी कंपनियों को भी रिसर्च, उत्पादकता और प्रतिस्पर्धा के क्षेत्र में बड़ा लाभ मिलता है। दोनों देशों के बीच प्रतिभाओं का यह आदान-प्रदान आपसी विकास के लिए बेहद जरूरी है।
