आयकर विभाग एआई से करदाताओं की कुंडली खंगाल रहा, टैक्स प्रैक्टिस पर असर
आयकर विभाग करदाताओं के वित्तीय और व्यक्तिगत डेटा का विश्लेषण करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का तेजी से उपयोग कर रहा है। कानपुर में आयोजित एक सेमिनार में इस बात पर प्रकाश डाला गया कि कैसे एआई तकनीक कर विभाग की कार्यप्रणाली को बदल रही है।
एआई की बढ़ती भूमिका
सेमिनार में वक्ताओं ने बताया कि एआई की सहायता से अब नोटिसों और आदेशों के जवाब तैयार किए जा सकते हैं। इतना ही नहीं, किसी मामले में रिमांड की आवश्यकता होने पर भी एआई को स्पष्ट निर्देश दिए जा सकते हैं। यह डिजिटल टैक्स इकोसिस्टम में एक महत्वपूर्ण कदम है।
डेटा विश्लेषण और मिलान
आयकर और जीएसटी विभाग क्लाइंट्स को नोटिस जारी करने के लिए एआई का व्यापक रूप से उपयोग कर रहे हैं। जीएसटी रिटर्न्स, बैंक लेनदेन और सोशल मीडिया से प्राप्त विभिन्न आंकड़ों को एआई की मदद से एकत्रित, विश्लेषित और आपस में मिलाया जा रहा है। इससे विभाग को करदाताओं की गतिविधियों पर पैनी नजर रखने में मदद मिल रही है, जिसका सीधा असर करदाताओं की प्रैक्टिस पर पड़ रहा है।
