आगरा में 70 वर्षीय पिता ने बेटे को गुर्दा देकर बचाया, एल्पोर्ट सिंड्रोम से जूझ रहा था युवक | agra news
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा जगत का एक अनूठा और प्रेरणादायक मामला सामने आया है, जहां एक 70 वर्षीय पिता ने अपनी उम्र की परवाह न करते हुए अपने छोटे बेटे को गुर्दा दान कर उसकी जान बचा ली। यह प्रत्यारोपण न केवल चिकित्सीय रूप से चुनौतीपूर्ण था, बल्कि एक पिता के अदम्य साहस और पारिवारिक त्रासदी से जूझने की कहानी भी है।
पीड़ित युवक दीपक (24) लंबे समय से गंभीर आनुवंशिक बीमारी एल्पोर्ट सिंड्रोम से पीड़ित था, जिसकी वजह से उसके दोनों गुर्दे फेल हो चुके थे और वह डायलिसिस पर जीवन गुजार रहा था। नियति का विडंबना देखिए कि इसी अनुवांशिक बीमारी के कारण परिवार अपने दो बड़े बेटों को पहले ही खो चुका था। परिवार में इकलौते बचे इस युवा दीपक को बचाने के लिए डॉक्टरों ने जब मां और अन्य रिश्तेदारों की जांच की, तो वे बीमारी के वाहक होने के कारण अंगदान के योग्य नहीं पाए गए। ऐसे में 70 वर्षीय पिता राजवीर ने खुद आगे आकर गुर्दा दान करने का फैसला किया, जिसे डॉक्टरों ने अधिक आयु के चलते पहले वर्जित माना था, लेकिन पिता की जिद और मजबूत इच्छाशक्ति के आगे उन्हें झुकना पड़ा।
अस्पताल की विशेषज्ञ टीमों ने लगभग साढ़े छह घंटे तक चली मैराथन सर्जरी के बाद इस जटिल प्रत्यारोपण को सफलतापूर्वक पूरा किया। इस साहसिक कदम से न केवल एक हंसता-खेलता परिवार उजड़ने से बच गया है, बल्कि चिकित्सा के क्षेत्र में भी एक नया मील का पत्थर स्थापित हुआ है। इस निःशुल्क सर्जरी के सफल होने से भविष्य में अन्य गंभीर रोगियों के लिए भी उम्मीद की नई किरण जगी है।
