जीवनशैली सुधारें: 9 साल तक बढ़ सकती है उम्र, जानें खान-पान और नींद का महत्व
नई दिल्ली। शहरीकरण और बदलती जीवनशैली के कारण भारत में मोटापे, डायबिटीज और गैर-संचारी रोगों (NCDs) का खतरा बढ़ रहा है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के अनुसार, 60% से अधिक मौतें हृदय रोग, डायबिटीज, कैंसर जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के कारण हो रही हैं।
एक हालिया शोध जर्नल लांसेट में प्रकाशित हुआ है, जो बताता है कि जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव करके जीवन प्रत्याशा को बढ़ाया जा सकता है। अध्ययन के अनुसार, पर्याप्त नींद, नियमित व्यायाम और संतुलित आहार को अपनाकर लोग अपनी उम्र में 9 साल तक की वृद्धि कर सकते हैं। यह न केवल लंबी उम्र की ओर ले जाता है, बल्कि स्वस्थ जीवन अवधि को भी बढ़ाता है।
व्यायाम का महत्व
शोध में 42 से 103 मिनट तक मध्यम से तेज गति वाले व्यायाम को शामिल करने की सलाह दी गई है। इसमें स्ट्रेंथ और कार्डियो दोनों प्रकार के व्यायाम शामिल होने चाहिए। तेज चलने, दौड़ने, तैराकी या साइकिलिंग जैसे व्यायामों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना फायदेमंद है। सप्ताह में पांच दिन, 30-35 मिनट तक तेज चलना भी पर्याप्त हो सकता है। व्यायाम न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह चिंता और अवसाद के लक्षणों को कम करने में मदद करता है।
नींद की भूमिका
अध्ययन के अनुसार, प्रतिदिन सात से आठ घंटे की अच्छी और निर्बाध नींद लेना आवश्यक है। नींद की कमी से थकान, आलस्य और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। शरीर की प्राकृतिक 24 घंटे की लय (सर्केडियन रिदम) को बनाए रखने के लिए सोने और जागने का एक निश्चित समय तय करना महत्वपूर्ण है। तनाव और आधुनिक जीवन की भागदौड़ के बावजूद, नींद की आदतों में सुधार करके इसे बेहतर बनाया जा सकता है।
संतुलित आहार की आवश्यकता
अध्ययन में स्वस्थ आहार पर भी जोर दिया गया है, जिसमें मछली, साबुत अनाज, सब्जियां और फल शामिल हों। अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड, अत्यधिक चीनी और हानिकारक वसा वाले खाद्य पदार्थों से परहेज करना चाहिए। सही खानपान से टाइप-2 डायबिटीज जैसी बीमारियों के खतरे को 80% तक कम किया जा सकता है। सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने के लिए संतुलित आहार लेना आज की सबसे बड़ी जरूरत है।
विशेषज्ञों की राय
इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. सुरनजीत चटर्जी के अनुसार, पर्याप्त नींद (6-8 घंटे) दिमाग की सक्रियता बनाए रखती है और डिमेंशिया जैसे जोखिमों को कम करती है। भोजन, नींद और व्यायाम का सही संतुलन दवाओं की आवश्यकता को कम कर सकता है। लांसेट का अध्ययन भी नींद के महत्व को रेखांकित करता है, जिसे पहले कम आंका जाता था। हालांकि, कोई भी नया व्यायाम शुरू करने से पहले अपनी स्वास्थ्य स्थिति की जांच करवाना आवश्यक है।
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