मिडिल ईस्ट संघर्ष का असर, एअर इंडिया ने बढ़ाया फ्यूल सरचार्ज | international news
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी तनाव और ऊर्जा संकट का सीधा असर अब आम यात्रियों की जेब पर पड़ने लगा है। विमान ईंधन एटीएफ की कीमतों में आए भारी उछाल के बाद एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस ने अपने फ्यूल सरचार्ज में इजाफा कर दिया है। इससे पहले इंडिगो एयरलाइन ने भी ऐसा ही कदम उठाया था। ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण एयरलाइंस कंपनियों पर लगातार वित्तीय दबाव बना हुआ था, जिसकी भरपाई के लिए यह बदलाव किया गया है।
वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने से कच्चे तेल के दाम लगातार चढ़ रहे हैं। विमान संचालन में होने वाले कुल खर्च का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा केवल ईंधन पर ही खर्च होता है। स्थिति यह है कि एयरलाइंस के लिए बढ़ती लागत को संभालना मुश्किल हो रहा था, जिससे बचने के लिए यह शुल्क बढ़ाया गया है। बढ़े हुए सरचार्ज का सीधा असर आम जनता के यात्रा बजट पर पड़ेगा, जिससे हवाई सफर करना अब और अधिक खर्चीला हो गया है।
नई दरों के अनुसार, घरेलू उड़ानों में 1001 से 1500 किलोमीटर तक के सफर के लिए 850 रुपये और इससे अधिक की दूरी के लिए 1200 रुपये का अतिरिक्त शुल्क देना होगा। वहीं अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर नॉर्थ अमेरिका के लिए 215 डॉलर, ऑस्ट्रेलिया के लिए 210 डॉलर और यूरोप व ब्रिटेन के लिए 135 डॉलर का फ्यूल सरचार्ज तय किया गया है। यह नया शुल्क नई बुकिंग्स पर लागू कर दिया गया है।
