आईआईटी कानपुर अब एनआईसी को साइबर हमलों से बचाएगा, विशेष प्रशिक्षण शुरू
नेशनल इंफार्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) को अब साइबर हमलों से बचाने की जिम्मेदारी आईआईटी कानपुर ने ली है। संस्थान के वैज्ञानिकों ने एनआईसी के टियर-4 अधिकारियों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया है, जिसमें उन्हें साइबर सुरक्षा और इंसिडेंट रिस्पांस की ट्रेनिंग दी गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य एनआईसी पर होने वाले साइबर हमलों को तत्काल पहचान कर उन्हें रोकना और उपलब्ध डेटा को सुरक्षित रखना है। प्रशिक्षण पूरा करने वाले अधिकारियों को प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए।
आईआईटी कानपुर के सी3आई हब में साइबर सुरक्षा से जुड़े अनुसंधान और नवाचार पर बड़े पैमाने पर काम चल रहा है। यहां संस्थान के वैज्ञानिक और विभिन्न स्टार्टअप्स की टीमें मिलकर ऐसे नए टूल, तकनीक और सिस्टम विकसित कर रही हैं, जो साइबर हमलों की पहचान, बचाव और डेटा सुरक्षा को आसान बनाते हैं। इसी कड़ी में एनआईसी की विशिष्ट आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किया गया।
इस प्रशिक्षण के माध्यम से अधिकारियों को साइबर हमलों की बुनियादी जानकारी, बचाव के तरीके और सुरक्षा उपकरणों के उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि साइबर हमले की स्थिति में अधिकारी तुरंत प्रतिक्रिया दे सकें और वेबसाइट को क्रैश होने व डेटा लीक होने से बचा सकें। यह प्रशिक्षण एनआईसी के जिम्मेदार अधिकारियों को साइबर सुरक्षा के प्रति और अधिक सक्षम बनाएगा।
