हजरत अब्बास की यौमे विलादत पर लखनऊ में गूंजे नारे हैदरी, हजारों ने की अलम की जियारत
लखनऊ के रुस्तमनगर स्थित दरगाह हजरत अब्बास में शनिवार को हजरत अली के बेटे हजरत अब्बास की यौमे विलादत का जश्न धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में पहुंचे अकीदतमंदों ने अलम की जियारत कर “नारे हैदरी या अली” के नारे लगाए। जियारत के बाद “जश्ने हजरत अबुल फजलिल अब्बास” का आयोजन किया गया, जिसमें उलमा ने हजरत अब्बास की शख्सियत और उनकी वफादारी की मिसाल पेश की।
इस मुबारक मौके पर लोगों ने अपने घरों, इमामबाड़ों और दरगाहों को रंगीन रोशनी और लाल झंडों से सजाया। कई लोगों ने अपने घरों में नज्र (प्रसाद) भी बांटी, जिसका सिलसिला सुबह से देर रात तक जारी रहा। मौलाना कल्बे जवाद ने हजरत अब्बास को “वफाओं का समंदर” बताते हुए उनकी फजीलत बयान की। मौलाना हबीब हैदर और अन्य उलमा ने भी अपने विचार रखे।
कार्यक्रम की शुरुआत कारी तुफैल हसन की तिलावते कुरान से हुई, जिसके बाद आमिर वारसी ने नात पाक पेश की। संचालन जाहिद कानपुरी और अली आजम ने किया। इस जश्न में 110 बच्चों ने हजरत अब्बास की शान में मनकबत पेश कर लोगों का दिल जीत लिया। शायरों की महफिल भी सजी, जिसमें नायाब बलयावी, देबल अलीपुरी, फय्याज रायबरेलवी सहित कई शायरों ने अपने कलाम पेश किए। यह आयोजन शहर में सांप्रदायिक सौहार्द और धार्मिक एकता का प्रतीक बना।
