अलीगढ़ में Hindu Conference UP: संतों ने कहा- मानवता के लिए हिंदुओं का एकजुट रहना जरूरी
अलीगढ़ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में कई स्थानों पर हिंदू सम्मेलनों का आयोजन किया गया। इन सम्मेलनों में संतों और संघ के पदाधिकारियों ने हिंदू समाज की एकजुटता पर जोर दिया। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि हिंदू समाज इस समय बंटा तो स्थिति ठीक नहीं होगी। उन्होंने लोगों से एकजुट रहने और घरों में सुरक्षा के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।
हिंदू सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए आरएसएस के पश्चिमी यूपी क्षेत्र प्रचारक महेंद्र कुमार ने कहा कि भारत हिंदुओं का देश है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यहां अन्य लोग रह सकते हैं, लेकिन यह देश हिंदुओं का ही कहलाएगा। उन्होंने जाति-पाति से ऊपर उठकर ‘हम हिंदू हैं’ के भाव से कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रखर वक्ता संत स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि देश को तोड़ने के लिए कई ताकतें सक्रिय हैं, जिन्हें सफल नहीं होने देना है। उन्होंने कहा कि दूसरे समाज के पढ़े-लिखे लोग भी अराजकता फैला रहे हैं, जबकि हिंदू समाज पढ़-लिखकर देश और धर्म से दूर हो जाता है। उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को तत्काल बंद करने की मांग की। उन्होंने कहा कि ईरान और सीरिया जैसे देशों में खराब स्थिति है, और हिंदू ही विश्व को संभाल सकता है, क्योंकि हिंदू का मूलमंत्र ही विश्व कल्याण की कामना है। उन्होंने कहा कि मानवता के लिए हिंदुओं का रहना बहुत जरूरी है।
संत योगीराज हितैषी बाबा ने सरस्वती विद्या मंदिर में आयोजित सम्मेलन में कहा कि हिंदू समाज की मूल आत्मा समरसता है। उन्होंने कहा कि संत परंपरा सदैव समाज को जोड़ने का कार्य करती आई है। उन्होंने जोर दिया कि जब समाज के सभी वर्ग एक-दूसरे के दुख-सुख में सहभागी बनते हैं, तभी राष्ट्र सशक्त होता है। पर्यावरण गतिविधि के अखिल भारतीय सह संयोजक राकेश जैन ने कहा कि सामाजिक समरसता भारतीय संस्कृति का मूल आधार है और संगठित समाज ही राष्ट्र निर्माण की सशक्त नींव रखता है। उन्होंने जाति और वर्ग भेद से ऊपर उठकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा और शिक्षा पहुँचाने का आह्वान किया।
