कानपुर हैलट में प्राइवेट जांच का मामला, शासन ने मांगी रिपोर्ट
कानपुर के हैलट अस्पताल में मरीजों को प्राइवेट जांच कराने की सलाह देने का मामला अब शासन तक पहुंच गया है। वरिष्ठ चिकित्सक का नाम सामने आने पर स्वास्थ्य विभाग ने नाराजगी जताई है। इस मामले में आरोपों की जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। प्राचार्य डॉ संजय काला ने तीन वरिष्ठ डॉक्टरों को इस जांच का जिम्मा सौंपा है, जो तीन दिन में अपनी रिपोर्ट देंगे।
शनिवार को निरीक्षण के दौरान प्राचार्य को मेडिसिन ओपीडी के बाहर मरीजों के पर्चे पर प्राइवेट जांच कराने और संबंधित का मोबाइल नंबर लिखा मिला था। छानबीन में डॉ ब्रजेश कुमार पर यह आरोप लगा कि उन्होंने ही मरीजों को जल्द रिपोर्ट आने की बात कहकर बाहर जांच कराने को कहा था। हालांकि, डॉ ब्रजेश ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे खुद के खिलाफ साजिश बताया था।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राचार्य ने डॉ जीडी यादव, डॉ यशवंत राव और डॉ अनीता गौतम को आरोपों की गहनता से जांच करने का निर्देश दिया है। उन्हें तीन दिन में रिपोर्ट जमा करने को कहा गया है।
बाहर की दवा या जांच लिखने पर कार्रवाई की चेतावनी देते हुए प्राचार्य ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि कोई भी डॉक्टर मरीजों को बाहर की दवा व जांच किसी भी हालत में न लिखें। अस्पताल में उपलब्ध दवाओं का ही पर्चे पर उल्लेख किया जाए। यदि कोई डॉक्टर ऐसा करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए शासन को लिखा जाएगा। इस घटना से मरीजों को होने वाली परेशानी और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल उठ रहे हैं।
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