उत्तर प्रदेश विधानसभा में बजट पर तीखी बहस: विपक्ष ने बताया ‘ढोंग’, सरकार ने गिनाई उपलब्धियां | UP Budget News
उत्तर प्रदेश विधानसभा में शुक्रवार को राज्य के बजट पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जोरदार बहस हुई। विपक्ष ने बजट को ‘ढोंग’ और ‘ऊंची दुकान फीके पकवान’ बताया, जबकि सरकार ने इसे प्रदेश के विकास का आधार बताया। इस बहस का सीधा असर राज्य की जनता पर पड़ता है, क्योंकि यह उनके भविष्य की योजनाओं और वित्तीय आवंटन को प्रभावित करता है।
कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जब सरकार स्वीकृत बजट का लगभग आधा ही खर्च कर पा रही है, तो इतना बड़ा बजट पेश करना केवल एक ढोंग है। उन्होंने कृषि, स्वास्थ्य, ग्राम विकास और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभागों में बहुत कम व्यय होने पर चिंता जताई। मोना ने युवाओं को आउटसोर्सिंग के जरिए कम वेतन पर रोजगार देने को ‘धोखा’ बताते हुए स्थायी नौकरी और सम्मानजनक वेतन नीति की मांग की। उन्होंने राजस्व लक्ष्य घटाने और आंकड़ों की ‘बाजीगरी’ का आरोप भी लगाया।
वहीं, अपना दल के नेता और कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल ने बजट का बचाव करते हुए कहा कि इसे पूरा पढ़ने पर ही इसकी खूबियां पता चलेंगी। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि हुई है और छह करोड़ परिवार गरीबी रेखा से ऊपर उठ चुके हैं। पटेल ने प्रदेश की बेरोजगारी दर को मात्र 2.24 प्रतिशत बताते हुए कहा कि देश में बनने वाले मोबाइल फोन का 65 प्रतिशत यूपी में बन रहा है और स्टार्टअप में यूपी को ‘लीडर अवार्ड’ मिल चुका है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में मानव संसाधन की कमी को जल्द दूर करने का आश्वासन भी दिया।
सुभासपा के नेता और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने विपक्ष से ‘दलीय चश्मा’ उतारकर बजट को देखने का आग्रह किया। उन्होंने पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने और ग्राम पंचायतों के डिजिटलीकरण के लिए बजट में पर्याप्त प्रावधानों का उल्लेख किया। राजभर ने प्रदेश में बने एक्सप्रेसवे के कारण यात्रा समय में कमी आने का भी जिक्र किया।
सपा के शिवपाल यादव ने बजट को ‘ऊंची दुकान फीके पकवान’ करार देते हुए कहा कि सरकार की बेरोजगारी दर के आंकड़े सुनकर बेरोजगारों को भी चक्कर आ जाएगा। उन्होंने किसानों की बढ़ती लागत और उपज का पूरा मूल्य न मिलने की समस्या उठाई। शिवपाल ने कहा कि सरकारी आंकड़ों में खेती गुलाबी दिख रही है, लेकिन हकीकत में किसानों की आय नहीं बढ़ रही है। आज लोगों के पास मोबाइल रिचार्ज कराने का पैसा नहीं है और आप एआई का सपना दिखा रहे हैं।
इस बीच, कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह ने बिजली विभाग की विजिलेंस छापेमारी को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने 22 घंटे बिजली आपूर्ति का स्वागत किया, लेकिन विजिलेंस के नाम पर जनता के उत्पीड़न और बदनामी बढ़ने पर चिंता जताई। रघुराज ने विजिलेंस अधिकारियों पर मनमानी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए उनकी निगरानी के लिए एक अलग विजिलेंस टीम गठित करने की मांग की। उन्होंने ऊर्जा मंत्री की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाया।
