GST: कर योग्य वस्तुओं की आपूर्ति पर इनवॉइस जारी करना क्यों है जरूरी, जानें नियम
जीएसटी अधिनियम की धारा 31 व नियम 46 के अनुसार, कर योग्य वस्तुओं की आपूर्ति पर इनवॉइस जारी करना एक कानूनी आवश्यकता है। जिन व्यवसायों का वार्षिक कारोबार एक निश्चित सीमा से अधिक है, उन्हें जीएसटी पोर्टल के माध्यम से ई-इनवॉइस जनरेट करना अनिवार्य है। यह प्रक्रिया कर चोरी को रोकने और कर प्रणाली को सुचारू बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
मुख्य वक्ता सीए गोविन्द माहेश्वरी ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यवसायी अपने ही राज्य में स्थित अपनी दूसरी शाखा या स्टॉक वेयरहाउस में माल का स्टॉक ट्रांसफर करता है, तो उसके लिए स्टॉक ट्रांसफर चालान जारी किया जाएगा, न कि ई-इनवॉइस। हालांकि, यदि माल का मूल्य 50,000 रुपये से अधिक है, तो ई-वे बिल जनरेट करना आवश्यक है।
गोष्ठी के चेयरमैन सन्तोष कुमार गुप्ता ने एक महत्वपूर्ण बिंदु पर प्रकाश डाला। यदि कोई अपंजीकृत व्यक्ति ऐसी वस्तु या सेवा की आपूर्ति करता है जिस पर रिवर्स चार्ज लागू होता है और विक्रेता द्वारा इनवॉइस जारी नहीं किया जाता, तो क्रेता को स्वयं सेल्फ-इनवॉइस जारी करना होगा। इस स्थिति में जीएसटी का भुगतान नकद में ही किया जा सकता है, क्रेडिट लेजर से नहीं। यह नियम सुनिश्चित करता है कि रिवर्स चार्ज के तहत कर का भुगतान सही ढंग से हो।
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