GST reform: छोटे कारोबारियों की मुश्किलें दूर करने की मांग, ASSOCHAM ने CAG को सौंपी रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश में छोटे व्यवसायों और MSME को वस्तु एवं सेवा कर (GST) अनुपालन में गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। एसोचैम यूपी डेवलपमेंट काउंसिल ने लखनऊ में भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) के प्रधान निदेशक (वाणिज्य) संजय कुमार से मुलाकात कर इन मुद्दों को उठाया। काउंसिल के सह-अध्यक्ष हसन याकूब के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि GST व्यवस्था में छोटे व्यापारियों के लिए व्यापार अनुकूल सुधार किए जाएं।
काउंसिल ने बताया कि GST के तहत दस्तावेजी बोझ और जटिल अनुपालन प्रक्रियाओं के कारण छोटे व्यापारियों में चिंता और भय का माहौल है। कई छोटे व्यापारी और कारीगर जटिलताओं, दंड और भारी कागजी कार्रवाई के डर से GST पंजीकरण से बचते हैं। यह स्थिति विशेष रूप से उन उम्रदराज व्यापारियों के लिए चुनौती है जो डिजिटल अनुपालन के लिए तैयार नहीं हैं।
ASSOCHAM ने कहा कि युवा पीढ़ी डिजिटल अनुपालन के लिए तैयार है, लेकिन पुरानी पीढ़ी के व्यापारियों की आशंकाएं व्यवसाय के औपचारिकीकरण और विस्तार में बाधा बन रही हैं। परिषद ने CAG से आग्रह किया कि वह इन जमीनी स्तर की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए GST व्यवस्था में आवश्यक बदलावों की सिफारिश करे ताकि छोटे व्यवसायों को राहत मिल सके।
