यूपी में मुफ्त कैंसर इलाज की तैयारी, जिला अस्पतालों में बढ़ेगी Dialysis यूनिट
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के जिला अस्पतालों में सार्वजनिक निजी सहभागिता (पीपीपी) मोड पर कैंसर उपचार इकाइयां स्थापित करने का निर्णय लिया है। यह पहल उन जिलों पर केंद्रित होगी जहां वर्तमान में मुफ्त कैंसर इलाज की सुविधा उपलब्ध नहीं है। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य अमित कुमार घोष ने इस संबंध में जल्द से जल्द कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि जिस प्रकार नि:शुल्क डायलिसिस सेवाओं को पीपीपी मोड में उपलब्ध कराया जा रहा है, उसी तर्ज पर कैंसर उपचार की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। उन्होंने आम जनता तक नि:शुल्क डायलिसिस सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए पूरे प्रदेश में इन इकाइयों की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही, प्रत्येक जिले में मांग के अनुरूप एमआरआई जांच की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है।
समीक्षा बैठक के दौरान क्रिटिकल केयर यूनिट और वेंटिलेटर के उपयोग को अधिकतम करने के लिए मानव संसाधन को प्रशिक्षित करने पर भी जोर दिया गया। चिकित्सा इकाइयों में निर्बाध ऑक्सीजन आपूर्ति, स्वच्छ पेयजल और मरीजों के लिए निर्धारित मानक के अनुसार साफ चादरें उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेलों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा का सशक्त माध्यम बनाया जाएगा ताकि आम जनता को घर के निकट स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। स्वास्थ्य उप केंद्रों पर मानव संसाधन की शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देश दिए गए।
