गौतम गंभीर ने बताया अपना कोचिंग मंत्र, कहा- डेटा से ज्यादा अंतरात्मा पर भरोसा करता हूं | Gautam Gambhir news
टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत की जीत के बाद हेड कोच गौतम गंभीर ने अपनी कोचिंग शैली और टीम के भविष्य पर बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह डेटा एनालिसिस से ज्यादा अपनी समझ और अंतरात्मा की आवाज पर भरोसा करते हैं। गंभीर ने कहा कि हर कोच का टीम को लेकर अपना दृष्टिकोण होता है, और वह वही फैसले लेते हैं जो उन्हें टीम के लिए सही लगते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई फैसला गलत साबित होता है तो वह उसकी जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार रहते हैं।
संजू सैमसन को मौका देने पर बोले गंभीर
गौतम गंभीर ने संजू सैमसन को लगातार मौका देने के फैसले का बचाव किया। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड सीरीज में संजू का प्रदर्शन भले ही खराब रहा हो, लेकिन फॉर्म अस्थायी होती है। गंभीर ने कहा कि जिस खिलाड़ी ने टी-20 में तीन शतक लगाए हों, उसके टैलेंट पर शक नहीं किया जा सकता। उन्होंने संजू को ब्रेक दिया क्योंकि उन्हें पता था कि वह टीम के लिए बहुत कुछ कर सकते हैं। संजू सैमसन ने वर्ल्ड कप में 321 रन बनाकर विराट कोहली का रिकॉर्ड तोड़ा और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे।
भारतीय पिचों पर आरोपों को किया खारिज
भारतीय पिचों को लेकर उठ रहे सवालों पर गंभीर ने कहा कि भारत अपने फायदे के लिए पिच तैयार करता है, यह आरोप गलत है। उन्होंने कहा कि टी-20 क्रिकेट अब बैटर्स का खेल बन चुका है और दुनियाभर में बड़े स्कोर बन रहे हैं। भारत ने ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका जैसे देशों में भी 200 से ज्यादा रन बनाए हैं, इसलिए इसे सिर्फ घरेलू पिचों से जोड़ना सही नहीं है। गंभीर ने यह भी स्पष्ट किया कि आईसीसी टूर्नामेंट में पिचों की जिम्मेदारी आईसीसी की होती है, बीसीसीआई की नहीं।
कीर्ति आजाद के बयान पर जताई आपत्ति
गंभीर ने पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद के उस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने ट्रॉफी को मंदिर ले जाने पर सवाल उठाया था। गंभीर ने कहा कि यह जीत खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत का नतीजा है और इस तरह के बयान देना अपने ही खिलाड़ियों का अपमान करने जैसा है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने काफी दबाव झेला है और उन्हें इस तरह की टिप्पणियों से आहत नहीं करना चाहिए।
