कानपुर में Gas Cylinder Crisis: छात्रों की जेब पर भारी पड़ रहा महंगाई का बोझ, भोजनालय बंद होने के कगार पर
कानपुर के काकादेव कोचिंग मंडी क्षेत्र में गैस सिलेंडर की किल्लत ने छात्रों और भोजनालय संचालकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सिलेंडर की कमी के कारण भोजनालयों को खाने के दाम बढ़ाने पड़े हैं, जिसका सीधा असर छात्रों की जेब पर पड़ रहा है। कई छात्र अब पॉकेट मनी बचाने के लिए दिन में तीन बार के बजाय सिर्फ एक बार ही भोजन कर रहे हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों ने बताया कि अचानक बढ़े खाने के दामों ने उनका बजट बिगाड़ दिया है। हॉस्टल में रहने वाले छात्रों को भी सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। हमीरपुर के विशाल कुमार सिंह और झांसी के सौरभ राय ने बताया कि पॉकेट मनी को देखते हुए अब एक बार ही भरपेट खाना खाकर काम चलाया जा रहा है।
भोजनालय संचालकों का कहना है कि गैस की किल्लत के चलते उन्हें मजबूरी में लकड़ी का इस्तेमाल करना पड़ रहा है, जिससे लागत बढ़ गई है। गुरु कृपा भोजनालय की प्रतिमा झा ने बताया कि पहले छात्रों की भीड़ लगी रहती थी, लेकिन अब हालात विकट हैं। ग्राहकों की कमी के चलते कई भोजनालयों को रात में जल्दी बंद करना पड़ रहा है।
