गोरखपुर में ट्रेनों की धीमी गति पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए लगेगी जीआरपी की पिकेट
गोरखपुर में ठंड के मौसम में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इस दौरान ट्रेनों की धीमी गति का फायदा उठाकर यात्रियों से लूटपाट करने वाले गिरोह अधिक सक्रिय हो जाते हैं। हाल के दिनों में ऐसी घटनाओं में वृद्धि देखी गई है, जिसके मद्देनजर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसपी) रेलवे ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
एक ऑनलाइन अपराध बैठक में, एसपी रेलवे ने इस मुद्दे पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यात्रियों को निशाना बनाने वाले गिरोह अक्सर ट्रेनों के आउटर या स्टेशनों के बीच धीमी गति से चलने के दौरान हमला करते हैं। अपराधी लोहे की रॉड या डंडों से हमला कर गेट पर खड़े यात्रियों के मोबाइल फोन या अन्य कीमती सामान छीन लेते हैं। इन घटनाओं को रोकने के लिए, एसपी रेलवे ने निर्देश दिया है कि जिन स्थानों पर ट्रेनें धीमी होती हैं, वहां पुलिस की निगरानी बढ़ाई जाए और विशेष रूप से जीआरपी की पिकेट (चौकी) लगाई जाए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे गिरोहों की पहचान की जाए और उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके अतिरिक्त, जनपदीय पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर संवेदनशील स्थानों पर संयुक्त रूप से पिकेट ड्यूटी लगाने पर भी जोर दिया गया।
एसपी रेलवे ने चौकी प्रभारियों को निर्देश दिया है कि वे जेल से छूटने वाले अपराधियों और हिस्ट्रीशीटरों की निरंतर निगरानी रखें। आगामी मकर संक्रांति/खिचड़ी मेले के मद्देनजर, स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ बढ़ने की आशंका को देखते हुए, रात्रि गश्त बढ़ाने और यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।
अपने निर्देशों के क्रम में, एसपी रेलवे ने गोरखपुर जीआरपी थाने का निरीक्षण भी किया। उन्होंने थाने के शस्त्रागार, रजिस्टर, ड्यूटी चार्ट और सीसीटीवी कैमरों की गहनता से जांच की। सुरक्षा निगरानी प्रणाली की प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए कैमरों की रिकॉर्डिंग का मिलान किया गया। थाने की समग्र व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने और गश्त को और अधिक मजबूत करने के सख्त निर्देश दिए गए, ताकि यात्रियों को सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिल सके।
