60 लाख की ठगी: जालसाजों ने बिका हुआ प्लॉट दोबारा बेचा, व्यवसायी से धोखाधड़ी
गोसाईगंज के एक व्यवसायी रमेश रावत को प्लॉट दिलाने के नाम पर जालसाजों ने 60 लाख रुपये की ठगी का शिकार बनाया है। व्यवसायी ने जब प्लॉट के कागजात की पड़ताल की तो पता चला कि वह प्लॉट कुछ दिन पहले ही किसी और को बेचा जा चुका था। इस खुलासे के बाद पीड़ित व्यवसायी ने अपनी शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर प्रॉपर्टी डीलर सहित आठ लोगों के खिलाफ बिजनौर थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, व्यवसायी रमेश रावत ने अपनी शिकायत में बताया कि जनवरी 2025 में उनकी मुलाकात मलिहाबाद हेमरापुर के प्रॉपर्टी डीलर वकील अहमद से हुई थी। वकील अहमद ने उन्हें माल एवेन्यू निवासी कृष्णा सेठी से मिलवाया और बिजनौर के लोनहा गांव में एक प्लॉट दिखाया। उन्होंने दावा किया कि यह प्लॉट उनके परिचित विजय कुमार का है। इसके बाद विजय से मुलाकात कराई गई और प्लॉट का सौदा 40 लाख रुपये में तय हुआ। बाद में, प्लॉट को आवासीय कराने के बहाने 35 लाख रुपये और मांगे गए, जिससे कुल 60 लाख रुपये ठग लिए गए। यह रकम विजय कुमार के भाई विपिन कुमार के खाते में जमा कराई गई थी।
जांच के दौरान पता चला कि जिन लोगों से प्लॉट के संबंध में मुलाकात कराई गई थी, जैसे अजय कुमार, मां जगतकुमारी, बहन संजू गौतम और नीतू, वे सभी इस धोखाधड़ी में शामिल थे। वकील अहमद द्वारा दिखाए गए कागजात से यह भी स्पष्ट हुआ कि प्लॉट असल में विजय के पिता हजारी लाल ने कुछ दिन पूर्व ही बेच दिया था। जब व्यवसायी ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने धमकी दी। इसके बाद, व्यवसायी ने डीसीपी दक्षिणी निपुण अग्रवाल से संपर्क कर मामले की जानकारी दी, जिनके आदेश पर आठों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। इस घटना ने रियल एस्टेट धोखाधड़ी के प्रति लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला है।
