धर्मांतरण आरोपी डॉक्टर रमीज के लैपटॉप से मिली हिंदू लड़कियों की फाइल, ब्लैकमेलिंग का खुलासा
यौन शोषण और धर्मांतरण के आरोपी केजीएमयू के रेजिडेंट डॉक्टर रमीज मलिक के लैपटॉप से फोरेंसिक विशेषज्ञों ने अहम डाटा रिकवर किया है। लैपटॉप में 10 से अधिक हिंदू लड़कियों के नाम से अलग-अलग फाइलें मिली हैं, जिनमें कई अश्लील वीडियो भी शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि इन वीडियो का इस्तेमाल वह महिला डॉक्टरों को ब्लैकमेल करने के लिए करता था। इस मामले में यह जानकारी सामने आना आम लोगों के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि यह दर्शाता है कि कैसे पेशेवर अपनी शक्ति का दुरुपयोग कर सकते हैं।
पुलिस की पूछताछ में रमीज ने दिल्ली विस्फोट कांड की आरोपी शाहीन, उसके भाई परवेज और धर्मांतरण गिरोह के सरगना छांगुर से मुलाकात और बातचीत से इनकार किया है। 48 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड पूरी होने से पहले ही पुलिस ने पूछताछ के बाद रमीज को जिला कारागार गोसाईगंज भेज दिया है।
पीड़ित महिला डॉक्टरों के बयानों के अनुसार, रमीज हिंदू महिलाओं से दोस्ती कर उनकी अश्लील वीडियो और फोटो बनाता था। पश्चिम बंगाल और आगरा की महिला डॉक्टरों ने कोर्ट में अपने बयान दर्ज कराते हुए यह जानकारी दी थी।
पुलिस पूछताछ में रमीज ने केजीएमयू, आगरा मेडिकल कॉलेज और दिल्ली में उसकी मदद करने वाले कुछ करीबियों के नाम भी बताए हैं। पुलिस और एसटीएफ की टीमें इन मददगारों की भूमिका की जांच कर रही हैं और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने रिमांड के दौरान दोनों पीड़िताओं से रमीज का आमना-सामना नहीं कराया, क्योंकि इसके लिए कोर्ट से अनुमति नहीं ली गई थी। पुलिस का कहना है कि विवेचना जारी है और यदि आवश्यकता पड़ी तो रमीज को दोबारा रिमांड पर लिया जा सकता है। पुलिस दूसरे लैपटॉप से भी डाटा रिकवर करने की कोशिश कर रही है, जिससे इस मामले में और भी अहम राज खुलने की उम्मीद है।
