लखनऊ में आंधी-बारिश से बिजली गुल, आधे शहर में अंधेरा, पानी की किल्लत
तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश ने राजधानी लखनऊ की बिजली व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है। रविवार शाम को आई इस प्राकृतिक आपदा के कारण शहर के कई हिस्से अंधेरे में डूब गए। चिनहट, कमता, गोमतीनगर, लौलाई, गोमतीनगर विस्तार, अलीगंज और इंदिरानगर जैसे प्रमुख शहरी इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए।
बिजली व्यवस्था चरमराने के पीछे मुख्य कारण जगह-जगह पेड़ गिरना, बिजली के खंभे और तार टूटना, तथा अंडरग्राउंड केबल में फॉल्ट आना रहा। इन समस्याओं के चलते दर्जनों वीआईपी और ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई। उपभोक्ताओं ने उपकेंद्रों और टोल-फ्री नंबर 1912 पर सैकड़ों शिकायतें दर्ज कराईं, लेकिन घंटों तक समाधान नहीं मिला। शाम के वक्त अचानक बिजली गुल होने से कई मोहल्लों में पेयजल की संकट भी गहरा गया।
अलीगंज के क्रिदांचल नगर में एक विशाल पेड़ बिजली के दो खंभों पर गिर गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। बिजली विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीम ने तीन घंटे की मशक्कत के बाद पेड़ हटाया और वैकल्पिक आपूर्ति बहाल की। बीकेटी के बीकामऊ कलां में एक ट्रांसफार्मर में आग लगने से क्षेत्र में अंधेरा छा गया। राजाजीपुरम ई-ब्लॉक मार्केट में बिजली का तार टूटने से व्यापारियों में दहशत रही।
नगराम के बलसिंहखेड़ा गांव में थ्री-फेस विद्युत केबल लाइन में आग लगने से करीब 80 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। मोहनलालगंज कस्बे में भी बिजली के खंभे में आग लगने की घटना से कस्बे की बिजली गुल रही। वहीं, दुबग्गा उपकेंद्र के तहत बरावन कलां में बिजली के तार से करंट उतरने से एक किसान की भैंस की मौत हो गई। इन घटनाओं ने शहर की बिजली अव्यवस्था और रखरखाव पर सवाल खड़े किए हैं।
