एत्मादपुर बाईपास: प्रभावित गांवों में जमीन खरीद-बिक्री पर रोक, किसानों में असमंजस
प्रस्तावित एत्मादपुर-टूंडला संयुक्त छह लेन बाईपास परियोजना के कारण आगरा के प्रभावित गांवों में प्रशासन ने जमीन की खरीद-फरोख्त, भूमि उपयोग परिवर्तन और नए निर्माण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के निर्देश पर यह निर्णय भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और विवादों से मुक्त रखने के उद्देश्य से लिया गया है। एनएचएआई ने जिलाधिकारी आगरा को भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि भूमि अधिग्रहण की सूचना के बाद अक्सर जमीनों की खरीद-फरोख्त और निर्माण कार्यों में वृद्धि हो जाती है, जिससे मुआवजा प्रक्रिया प्रभावित होती है और कानूनी विवाद पैदा हो सकते हैं।
एसडीएम एत्मादपुर सुमित कुमार सिंह ने बताया कि एनएचएआई के पत्र के अनुपालन में संबंधित गांवों में आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। अधिसूचित क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री, भूमि उपयोग परिवर्तन तथा नए निर्माण कार्यों की अनुमति नहीं दी जाएगी। सभी संबंधित विभागों और राजस्व अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार के नियम उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
इस आदेश से प्रभावित गांवों में पहले से तय भूमि सौदों और एडवांस राशि देने वाले खरीदारों एवं विक्रेताओं के सामने असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। कई लोगों का कहना है कि उन्होंने पहले ही जमीन के सौदे तय कर लिए थे, लेकिन अब बैनामा नहीं होने से उनका पैसा फंसने की आशंका बढ़ गई है। किसानों ने प्रशासन के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा है कि यदि बाईपास के लिए केवल कुछ खसरा संख्या की भूमि अधिग्रहित की जानी है, तो प्रतिबंध भी उन्हीं खसरों तक सीमित होना चाहिए। उनका आरोप है कि पूरे मौजे पर रोक लगाने से उन किसानों को भी नुकसान उठाना पड़ेगा, जिनकी जमीन परियोजना की जद में नहीं आती। किसानों ने प्रशासन से आदेश की समीक्षा कर केवल प्रभावित खसरा संख्या पर ही प्रतिबंध लगाने की मांग की है। प्रशासन का कहना है कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ कराई जाएगी और पात्र किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।
