लखनऊ में बिजली संकट: उपकेंद्र ओवरलोड, 5 लाख लोग पावर कट से बेहाल, new transformer की मांग
लखनऊ शहर में बिजली की मांग करीब दो हजार मेगावाट को पार कर गई है, जिसके चलते शकुंतला मिश्रा, अमेठी, मोहनलालगंज और गोसाईगंज सहित कई महत्वपूर्ण उपकेंद्र ओवरलोड हो गए हैं। इस समस्या के कारण रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक अघोषित बिजली कटौती की जा रही है, जिससे लगभग पांच लाख की आबादी रातभर जागने को मजबूर है। उपभोक्ता उपकेंद्रों से लेकर टोल-फ्री नंबर 1912 तक लगातार शिकायतें दर्ज करा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।
शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय उपकेंद्र, जो 20 एमवीए पावर ट्रांसफार्मर पर चल रहा है, सबसे ज्यादा ओवरलोड है। इसके अंतर्गत आने वाले अशोक विहार, डिप्टीखेड़ा, मोनार्क सिटी और सत्यम सिटी जैसे बड़े रिहायशी इलाकों में पिछले 15 दिनों से रात 8 बजे से तड़के 2 बजे तक लगातार रोस्टिंग (बिजली कटौती) की जा रही है। स्थानीय निवासियों ने इस समस्या को लेकर उपकेंद्र पर कई बार हंगामा भी किया है। लेसा ने यहां राहत के लिए 05 एमवीए का नया पावर ट्रांसफार्मर लगाने का निर्णय लिया था, लेकिन धीमी कार्यप्रणाली के कारण यह काम अभी तक अधूरा है।
मोहनलालगंज उपकेंद्र भी पिछले 10 दिनों से ओवरलोडिंग की समस्या से जूझ रहा है। इसके कारण सिसेंडी, कनकहा, खुजेहटा, फत्तेखेड़ा और धनुवासांड़ जैसे ग्रामीण फीडरों पर भारी कटौती हो रही है। अमेठी उपकेंद्र में केवल 05 एमवीए का पावर ट्रांसफार्मर है और क्षमता बढ़ाने के लिए 05 एमवीए का ट्रांसफार्मर मंजूर होने के बावजूद काम शुरू नहीं हुआ है। गोसाईगंज उपकेंद्र में लगे तीन बड़े पावर ट्रांसफार्मर के बावजूद गोसाईगंज, अर्जुनगंज, निशा, बक्कास, पहाड़पुर और मोहम्मदपुर गढ़ी के फीडर ओवरलोड हैं, जिससे यहां भी घंटों बिजली गुल रहती है।
डालीगंज के इक्का स्टैंड उपकेंद्र में लेसा ने ओवरलोडिंग से निपटने के लिए नया पावर ट्रांसफार्मर स्थापित तो कर दिया है, लेकिन उसे अभी तक चालू नहीं किया गया है। अधिकारियों की इस सुस्ती का खामियाजा कुतुबपुर, लाहौरगंज, कलेक्टरगंज और राजीव नगर के निवासियों को भुगतना पड़ रहा है।
इस बीच, मुख्य अभियंता, अमौसी जोन ने आश्वासन दिया है कि शकुंतला मिश्रा उपकेंद्र में चार-पांच दिनों में पांच एमवीए का पावर ट्रांसफार्मर लगा दिया जाएगा। अमेठी में भी पांच एमवीए का ट्रांसफार्मर लगाने की बात कही गई है, और गोसाईगंज व मोहनलालगंज की ओवरलोडिंग की समस्या को समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। इन प्रयासों का असर जल्द ही उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति में सुधार के रूप में दिखना चाहिए।
