बिजली संविदाकर्मी प्रदर्शन: शक्ति भवन घेराव, 25 हजार कर्मचारियों की बहाली की मांग | UP Power Contract Workers Protest
उत्तर प्रदेश में बिजली संविदाकर्मियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मंगलवार को शक्ति भवन का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। यूपी पावर कॉरपोरेशन निविदा संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले एकजुट हुए कर्मचारियों ने ऊर्जा प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। करीब चार घंटे तक चले हंगामे के बाद कॉरपोरेशन के एमडी और पदाधिकारियों के बीच वार्ता बेनतीजा रही। इससे नाराज कर्मचारियों ने चेयरमैन की प्रतीकात्मक अर्थी निकालकर विरोध जताया और अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान कर दिया। इस प्रदर्शन का सीधा असर राजधानी के यातायात पर पड़ा, जिससे अशोक मार्ग पर घंटों भीषण जाम लगा रहा। पुलिस को यातायात सुचारु कराने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये निर्धारित करना, कार्य के अनुरूप अनुबंध करना, हादसों में घायल कर्मचारियों का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराना, और मार्च 2023 से हटाए गए करीब 25 हजार आउटसोर्स कर्मचारियों की बहाली शामिल है। संघ के अध्यक्ष मोहम्मद खालिद और प्रदेश महामंत्री देवेंद्र कुमार पांडेय ने प्रबंधन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि 14 महीने बीत जाने के बाद भी मानक समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। उन्होंने ईपीएफ घोटाले की निष्पक्ष जांच कराने और मीटर रीडरों को भी अन्य आउटसोर्स कर्मियों की भांति वेतन, ईपीएफ व ईएसआई का लाभ देने की मांग उठाई है।
सुबह 10 बजे से शुरू हुए धरने के बाद दोपहर 02 बजे एमडी के साथ हुई बैठक बेनतीजा रही। पदाधिकारियों ने साफ किया कि जब तक प्रबंधन उनकी न्यायसंगत मांगों को स्वीकार नहीं करता, तब तक यह आंदोलन पूरी ताकत के साथ जारी रहेगा। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने मोर्चा संभाला और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया, जिसके बाद ही मार्ग पर आवागमन सामान्य हो सका।
