मोहनलालगंज में बुजुर्गों को सीढ़ियों पर संघर्ष, Lucknow Samadhan Diwas में उठी कई शिकायतें
लखनऊ जिले की पांचों तहसीलों में शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में नागरिकों की विभिन्न समस्याओं पर सुनवाई की गई। इस दौरान कुल 504 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 73 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। मोहनलालगंज तहसील में पहली मंजिल पर समाधान दिवस का आयोजन होने के कारण बुजुर्गों को सीढ़ियां चढ़ने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। यह स्थिति सरकारी व्यवस्था में संवेदनशीलता की कमी को उजागर करती है, जिससे आम जनता को असुविधा होती है।
मोहनलालगंज में बुजुर्गों की पेंशन समस्या
मोहनलालगंज तहसील में कई वृद्धजन लाठी के सहारे या परिजनों की मदद से अपनी रुकी हुई पेंशन को फिर से शुरू कराने की उम्मीद में पहुंचे थे। विभाग की लापरवाही के चलते महीनों से उनके खातों में पेंशन नहीं आ रही है। कुछ ऐसे दंपति भी शिकायत लेकर पहुंचे जिनकी पेंशन उन्हें ‘मृत’ दिखाकर रोक दी गई थी। डेवरिया भरसवा की विमला, भसण्डा की छेदाना, कमरुन्निसा और कुढा की यशोदा जैसी कई बुजुर्ग महिलाओं ने बताया कि वे महीनों से ब्लॉक दफ्तरों के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन उनकी वृद्धा या निराश्रित पेंशन शुरू नहीं हो पा रही है। सल्लाहीखेड़ा के बाबूराम ने भी एक साल से पेंशन न मिलने की शिकायत की। अधिकारियों ने उन्हें जल्द पेंशन आने का आश्वासन देकर वापस भेज दिया। सिसेंडी के जय नारायन और राम दुलारी ने अपने जीवित होने के प्रमाण पेश करते हुए उन कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जिन्होंने उन्हें मृत दिखाकर पेंशन बंद कर दी थी।
जमीन संबंधी विवाद और अवैध कब्जे
समाधान दिवस में जमीन संबंधी कई शिकायतें भी सामने आईं। काजीखेड़ा के प्रेमनाथ ने बताया कि उनकी जानकारी के बिना उनकी कृषि भूमि को आवासीय घोषित कर दिया गया, जबकि उनके खेत में सरसों की फसल लहलहा रही है। दिलीप कुमार शुक्ला ने सिद्धपुरा में अपनी जमीन पर किसी और का नाम खतौनी में दर्ज होने की शिकायत की। सरोजनीनगर तहसील में एडीएम ट्रांस गोमती राजकुमार मित्तल की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस में बेहटा गांव के ग्रामीणों ने तालाबों की भूमि पर बिल्डरों और भू-माफियाओं द्वारा अवैध कब्जे का आरोप लगाया। उन्होंने खसरा संख्या 1053, 1052 व 1050 में दर्ज तालाब की भूमि के अभिलेखों में हेरफेर कर स्वरूप बदलने का प्रयास करने और संबंधित लेखपाल व कानूनगो की मिलीभगत की उच्च स्तरीय जांच की मांग की। सरैया निवासी अरुण कुमार रावत ने भी ऊसर-बंजर भूमि पर अवैध निर्माण की शिकायत कर भू-माफिया एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की।
मलिहाबाद में हरे पेड़ों की कटान का मुद्दा
मलिहाबाद, जो अपने आम और हरियाली के लिए विश्व प्रसिद्ध है, वहां हरे और फलदार पेड़ों की अवैध कटान का मुद्दा भी उठा। सामाजिक न्याय महासभा के पदाधिकारियों ने एसडीएम अंकित कुमार को प्रार्थना पत्र देकर विभागीय लापरवाही के चलते प्रतिदिन सैकड़ों पेड़ों की कटान को तत्काल रोकने की मांग की। संस्था के प्रदेश उपाध्यक्ष जीशान वली ने बताया कि बीते कुछ वर्षों से यहां की हरियाली पर वन विभाग की उदासीनता भारी पड़ रही है।
जिलाधिकारी विशाख जी ने सदर तहसील में 12 शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया और अन्य सभी शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों को निष्पक्ष जांच कर शीघ्र व प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।
