उत्तर भारत में घने कोहरे का असर: Tatanagar में कई ट्रेनें घंटों लेट, यात्री परेशान | Train Delay
उत्तर भारत में पड़ रहे घने कोहरे ने भारतीय रेलवे की रफ्तार पर ब्रेक लगा दी है, जिसका सीधा असर देश भर के रेल यात्रियों पर पड़ रहा है। झारखंड के टाटानगर रेलवे स्टेशन पर रविवार को कई महत्वपूर्ण ट्रेनें अपने निर्धारित समय से घंटों देरी से पहुंचीं, जिससे यात्रियों को कड़ाके की ठंड में लंबा इंतजार करना पड़ा। यह स्थिति व्यापक कोहरे के कारण हुई है, जिसने लोको पायलटों को सुरक्षा कारणों से ट्रेनों की गति धीमी रखने पर मजबूर कर दिया है।
टाटानगर स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ पूछताछ केंद्र पर अपनी ट्रेनों की स्थिति जानने के लिए उमड़ पड़ी। प्लेटफार्मों पर घंटों इंतजार करते हुए, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को ठंड में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इस विलंब से आम जनजीवन और दैनिक यात्राएं भी प्रभावित हुई हैं, जिससे लोगों की योजनाएं धरी की धरी रह गईं।
नई दिल्ली से पुरी जाने वाली पुरुषोत्तम एक्सप्रेस लगभग सात घंटे की देरी से टाटानगर पहुंची। इसी प्रकार, हरिद्वार से आने वाली कलिंग उत्कल एक्सप्रेस भी पांच घंटे विलंब से आई। जम्मू तवी-टाटा एक्सप्रेस का हाल सबसे बुरा रहा, जो करीब नौ घंटे की देरी से चल रही थी। हावड़ा-मुंबई मेल और आजाद हिंद एक्सप्रेस जैसी अन्य महत्वपूर्ण ट्रेनें भी तीन से चार घंटे की देरी से पहुंचीं, जिससे यात्रियों का धैर्य जवाब दे गया।
यात्रियों ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि कानपुर के बाद से ट्रेन की गति इतनी धीमी हो गई थी कि सफर अंतहीन लगने लगा। ठंड, भूख और प्यास ने उनकी यात्रा को और भी कठिन बना दिया। रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए घने कोहरे में ट्रेनों की गति कम रखना अनिवार्य है और मौसम साफ होने तक यह स्थिति बनी रहने की आशंका है।
