मेट्रो स्टेशन बंद करने पर डीएमआरसी ने सुप्रीम कोर्ट से मांगी माफी | cjp protest dmrc supreme court
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के एक विरोध प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में अचानक 45 मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद करने के मामले ने कानूनी तूल पकड़ लिया था। इस कार्रवाई पर कड़ा रुख अपनाते हुए सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई, जहां दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए बिना शर्त माफी मांग ली है।
न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए डीएमआरसी ने स्पष्ट किया कि उस विशेष दिन यात्रियों को कम से कम असुविधा हो, इसके लिए कुल 258 स्टेशन खुले रखे गए थे और सामान्य दिनों की तरह 271 ट्रेनों का संचालन किया गया था। अधिकारियों का तर्क था कि यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा के मद्देनजर उठाया गया था।
इस तरह के अचानक प्रतिबंधों से आम जनता और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सफर करने वाले आम नागरिकों के अधिकारों और प्रशासनिक फैसलों के बीच संतुलन बनाए रखने के लिहाज से इस मामले को बेहद अहम माना जा रहा है। अब देखना यह होगा कि अदालत इस माफीनामे पर क्या अंतिम रुख अपनाती है।
