गंगा में जल की कमी से श्रद्धालु निराश, लहरा घाट पर पसरा सन्नाटा
सोरों के लहरा घाट पर गंगा नदी में पानी की कमी श्रद्धालुओं के लिए निराशा का कारण बन रही है। जल के अभाव में भक्त बिना स्नान किए ही वापस लौट रहे हैं। इस स्थिति के कारण गंगा घाट पर सन्नाटा छाया हुआ है, जिसका सीधा असर यहां दुकान लगाने वाले दो दर्जन से अधिक दुकानदारों पर पड़ा है, जो गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
स्थानीय निवासी अंकित कुमार ने बताया कि राजस्थान, मध्यप्रदेश और आसपास के जिलों से आने वाले श्रद्धालु गंगा में जल न होने से निराश होकर लौट जाते हैं। गुरुवार को भी राजस्थान और मध्यप्रदेश से चार वाहनों में आए श्रद्धालु बिना स्नान किए ही कछला गंगा घाट की ओर चले गए।
गंगा घाट पर दुकानें चलाने वाले लोगों की रोजी-रोटी श्रद्धालुओं के आने पर निर्भर करती है। पानी की कमी के कारण अब घाट पर दुकानें भी नहीं लग रही हैं। सहसवान क्षेत्र में गंगा घाट पर केवल तीन-चार दुकानदार ही अपनी दुकानें लगा पाते हैं। सहसवान क्षेत्र तक पहुंचने के लिए सुगम मार्ग न होने के कारण पैदल आने वाले कुछ लोग ही घाट तक पहुंच पाते हैं।
लहरा के ग्रामीण लगातार गंगा में जल प्रवाह की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि लहरा घाट पर जल का इंतजाम नहीं हुआ, तो श्रद्धालु यहां आना बंद कर सकते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से लहरा घाट पर जल प्रवाह सुनिश्चित करने की अपील की है।
