लखीसराय में विकास की बहार, नए साल में 10 अरब की योजनाओं से बदलेगी तस्वीर; Bihar development news
बिहार के लखीसराय जिले में विकास की रफ्तार तेज होने वाली है। नए साल में 10 अरब रुपये से अधिक की महत्वपूर्ण विकास योजनाएं धरातल पर उतरने के लिए तैयार हैं। इन परियोजनाओं में ग्रामीण सड़कों का उन्नयन और शहरी बुनियादी ढांचे का विकास शामिल है। राज्य सरकार का लक्ष्य इन योजनाओं के माध्यम से जिले को मॉडल जिले के रूप में विकसित करना है। यह पहल विकसित बिहार के रोडमैप के अनुरूप है और स्थानीय लोगों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगी।
बीते वर्ष 2025 में राज्य सरकार ने जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 100 से अधिक सड़कों को प्रशासनिक स्वीकृति दी थी। ग्रामीण कार्य विभाग के तहत सूर्यगढ़ा, बड़हिया, लखीसराय और पिपरिया प्रखंड की 46 ग्रामीण सड़कों का उन्नयन मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क उन्नयन योजना के तहत किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के प्रयासों से 54 अन्य ग्रामीण सड़कों को भी स्वीकृति मिली थी। कुल मिलाकर 93.65 किलोमीटर लंबी इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण इलाकों का जिला मुख्यालय से संपर्क मजबूत होगा।
शहरी क्षेत्र में भी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर ध्यान दिया जा रहा है। नगर परिषद लखीसराय के अंतर्गत पुरानी बाजार स्थित चितरंजन रोड और नया बाजार के कबैया रोड के निर्माण और उन्नयन को मंजूरी मिल चुकी है। कबैया रोड के निर्माण पर 8 करोड़ 55 लाख रुपये और चितरंजन रोड के उन्नयन पर 2 करोड़ 55 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इन सड़कों के बनने से शहरवासियों को जाम और जल जमाव की समस्या से राहत मिलेगी।
फरवरी 2025 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा के दौरान जिले के लिए आठ महत्वपूर्ण विकास योजनाओं की घोषणा की गई थी। इन योजनाओं के लिए सरकार ने कुल 10 अरब 22 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इनमें किऊल और लखीसराय को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण आरसीसी पुल भी शामिल है, जिसका शिलान्यास मुख्यमंत्री ने किया था। पुल का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है। इन सभी परियोजनाओं के पूरा होने से लखीसराय जिले में विकास की नई तस्वीर उभरने की उम्मीद है।
