पेपर लीक रोकने के लिए परीक्षा तंत्र की समीक्षा की मांग, कांग्रेस ने उठाए सवाल
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव तौकीर आलम ने हाल में हुई पेपर लीक की घटनाओं को लेकर केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक को रोकने के लिए परीक्षा तंत्र की तत्काल और व्यापक समीक्षा की जानी चाहिए। आलम ने आरोप लगाया कि परीक्षाओं के संचालन में केंद्र सरकार पूरी तरह विफल रही है और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के कार्यकाल में नीट यूजी-2026 पेपर लीक जैसी बड़ी अनियमितताएं सामने आई हैं।
उन्होंने शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग की और पेपर लीक माफिया तथा इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की वकालत की। आलम ने सुझाव दिया कि पेपर सेटिंग, प्रिंटिंग, परिवहन, परीक्षा केंद्रों और डिजिटल सिस्टम का स्वतंत्र ऑडिट कराया जाना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकी जा सकें। उन्होंने सभी शैक्षणिक और रोजगार संबंधी परीक्षाओं के लिए एक निश्चित वार्षिक कैलेंडर लागू करने की भी मांग की, जिसमें परीक्षा तिथि, परिणाम और नियुक्ति की समयसीमा पहले से घोषित हो और उसका सख्ती से पालन किया जाए।
इस घटना का सीधा असर देश भर के लाखों छात्र-छात्राओं पर पड़ता है, जिनके भविष्य की उम्मीदें इन परीक्षाओं से जुड़ी होती हैं। पेपर लीक जैसी घटनाएं न केवल छात्रों के भरोसे को तोड़ती हैं, बल्कि शिक्षा प्रणाली की निष्पक्षता पर भी गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
बाद में एक संगठनात्मक बैठक में, आलम ने कहा कि गठबंधन को लेकर अंतिम निर्णय पार्टी हाईकमान करेगा और कांग्रेस 2027 का विधानसभा चुनाव पूरी मजबूती से लड़ेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं को वार्ड और बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत बनाने के लिए मेहनत करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी किसी भी स्वार्थी व्यक्ति को शामिल कर जमीनी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा नहीं करेगी।
