19 दिन के बच्चे को 36 घंटे नहीं मिला इलाज, KGMU की लापरवाही पर CM पोर्टल पर शिकायत
लखनऊ केजीएमयू में एक बार फिर चिकित्सा व्यवस्था की पोल खुल गई है। बहराइच से आए एक 19 दिन के नवजात शिशु को 36 घंटे तक इलाज के लिए भटकना पड़ा। बच्चे की आंख की रोशनी बचाने के लिए परिवार वाले एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल के चक्कर काटते रहे, लेकिन उन्हें कहीं भी समुचित इलाज नहीं मिला।
परिजनों ने CM पोर्टल पर की शिकायत
पीड़ित परिवार का आरोप है कि केजीएमयू के नेत्र रोग विभाग में इलाज में लापरवाही बरती गई। बच्चे को तत्काल महंगे इंजेक्शन की जरूरत थी, लेकिन उसे ट्रॉमा सेंटर, बच्चों के वार्ड और फिर नेत्र रोग विभाग रेफर किया गया। वहां भी इलाज संभव न होने की बात कहकर निजी अस्पताल या पीजीआई जाने की सलाह दी गई। थक हारकर परिवार पीजीआई पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्चे को 40 हजार के इंजेक्शन लगाए, जिससे उसे राहत मिली। परिवार ने इस लापरवाही के खिलाफ मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन आरोप है कि अधिकारियों ने इसे गलत रिपोर्ट लगाकर निस्तारित कर दिया।
चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर प्रदेश की चिकित्सा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इतने छोटे बच्चे के जीवन से खिलवाड़ और सरकारी तंत्र की निष्क्रियता आम जनता के लिए चिंता का विषय है। उम्मीद है कि इस बार शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई होगी और भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होंगी।
