दिल्ली-एनसीआर प्रदूषण: ‘Severe+’ AQI पर पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने दी सफाई, संसद में कही थी ये बात
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने संसद में दिए अपने एक बयान को लेकर स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने राज्यसभा में कहा था कि वर्ष 2025 में दिल्ली-एनसीआर में एक भी दिन ऐसा नहीं रहा जब वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 450 से ऊपर (Severe+) रहा हो। हालांकि, आधिकारिक डेटा में दिसंबर में कई दिन ऐसे पाए गए, जब AQI 450 के पार चला गया था।
मंत्री यादव ने अपनी सफाई में कहा कि उनका बयान उस समय तक के आंकड़ों पर आधारित था, जब तक AQI 450 के पार नहीं गया था। उन्होंने कहा कि उनका बयान उस दिन तक के लिए सटीक था, जिस दिन उन्होंने संसद में यह बात कही थी।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर में दिल्ली का AQI 14 तारीख को 461 तक पहुंच गया था। वहीं, नोएडा में 13 और 14 दिसंबर को AQI क्रमशः 455 और 466 दर्ज किया गया था। ये सभी आंकड़े ‘Severe+’ श्रेणी में आते हैं।
मंत्री ने प्रदूषण के कारणों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका मुख्य कारण मानवीय गतिविधियां हैं, जिनमें वाहनों से होने वाला प्रदूषण, औद्योगिक प्रदूषण, ट्रैफिक जाम, धूल, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और बायोमास जलाना शामिल है। इन गतिविधियों से PM 2.5 और PM 10 जैसे कण और कार्बन डाइऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड, लेड और नाइट्रोजन जैसी गैसें निकलती हैं।
उन्होंने मौसम की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। मंत्री ने कहा कि जब हवा की गति बहुत कम होती है और ठंड बढ़ती है, तो ये कण हवा में निलंबित रहते हैं, जिससे स्मॉग बनता है। उन्होंने कहा कि इस बार उम्मीद थी कि AQI 450 से नीचे रहेगा, लेकिन दुर्भाग्य से पिछले दो दिनों में यह सीमा पार हो गई।
यादव ने कहा कि दिल्ली का प्रदूषण केवल दिल्ली की समस्या नहीं है, बल्कि यह पूरे एनसीआर क्षेत्र को प्रभावित करता है, जिसमें गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद और गुरुग्राम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने समन्वय सुनिश्चित करने के लिए कानून बनाए हैं, ताकि दिल्ली के बाहर से भी निर्देश जारी किए जा सकें।
